दमोह स्वास्थ्य विभाग की रैंकिंग में बड़ा सुधार, 51वें से 28वें स्थान पर
दमोह जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। कलेक्टर श्री यादव के नेतृत्व में की गई नियमित समीक्षा और फील्ड मॉनिटरिंग से जिला 51वें से 28वें स्थान पर पहुंच गया है।

द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 5 अगस्त 2026
दमोह जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रदर्शन में एक महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया गया है। जिला स्वास्थ्य समिति की निरंतर समीक्षा और जमीनी स्तर पर अधिकारियों तथा स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय निगरानी के परिणामस्वरूप, स्वास्थ्य विभाग ने राज्य स्तरीय रैंकिंग में 51वें स्थान से छलांग लगाते हुए 28वें स्थान पर अपनी स्थिति मजबूत की है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने इस प्रगति को नियमित बिंदुवार समीक्षाओं और क्षेत्रीय दौरों का प्रत्यक्ष परिणाम बताया है।
कलेक्टर श्री यादव ने स्वास्थ्य संकेतकों में आई प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं के पंजीयन का प्रतिशत अप्रैल में 65 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 81 प्रतिशत हो गया है। इसी प्रकार, गर्भवती महिलाओं के समुचित प्रबंधन में 75 प्रतिशत से 92 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। उच्च रक्तचाप से पीड़ित गर्भवती महिलाओं की देखभाल के मामले में भी 77 प्रतिशत से 95 प्रतिशत तक का सुधार हुआ है, जो मातृ स्वास्थ्य के प्रति जिले की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
टीबी स्क्रीनिंग और उपचार में भी उल्लेखनीय प्रगति
टीबी (तपेदिक) उन्मूलन की दिशा में भी दमोह ने सराहनीय प्रगति की है। कलेक्टर के अनुसार, टीबी स्क्रीनिंग का प्रतिशत 52 प्रतिशत से बढ़कर 61 प्रतिशत तक पहुंच गया है। टीबी मरीजों के एक्स-रे परीक्षण में 44 प्रतिशत से 92 प्रतिशत तक की उपलब्धि हासिल की गई है। इसके अतिरिक्त, टीबी मरीजों के संपर्कों की जांच और उन्हें टीपीटी (टीबी प्रिवेंशन थेरेपी) का कवरेज 31 प्रतिशत से बढ़कर 55 प्रतिशत हो गया है। यह आंकड़े टीबी की पहचान और रोकथाम के प्रयासों में आई तेजी को इंगित करते हैं।
टीकाकरण कवरेज में वृद्धि
जिले में टीकाकरण कवरेज में भी सुधार देखा गया है। पूर्व में 79 प्रतिशत टीकाकरण कवरेज अब बढ़कर 88 प्रतिशत हो गया है। कलेक्टर श्री यादव ने इस प्रगति का श्रेय लगातार समीक्षा, प्रभावी मॉनिटरिंग और फील्ड स्तर पर की गई ठोस कार्रवाइयों को दिया। उन्होंने कहा कि कुछ विशिष्ट स्वास्थ्य संकेतकों में तो जिला प्रदेश में 18वें स्थान पर भी पहुँच चुका है, जो दर्शाता है कि एक सुनियोजित दृष्टिकोण और अथक प्रयासों से बड़े बदलाव संभव हैं।
श्री यादव ने आम नागरिकों से शासन द्वारा संचालित स्वास्थ्य योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से टीकाकरण के महत्व पर जोर दिया, ताकि बच्चों को विभिन्न गंभीर बीमारियों से बचाया जा सके। यह सुधार जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
