दमोह: शादी के नाम पर 4.10 लाख की ठगी, लुटेरी दुल्हन गैंग के 3 सदस्य गिरफ्तार
दमोह पुलिस ने शादी के नाम पर 4.10 लाख रुपये और जेवर की ठगी करने वाले लुटेरी दुल्हन गैंग का पर्दाफाश किया है। गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 1 सितंबर 2026
दमोह देहात थाना पुलिस ने एक बड़े 'लुटेरी दुल्हन' गैंग का पर्दाफाश करते हुए शादी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने कथित तौर पर एक व्यक्ति से शादी के नाम पर 4.10 लाख रुपये नकद और लाखों के जेवर ठग लिए थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन, 7700 रुपये नकद और कई फर्जी आधार कार्ड भी बरामद किए हैं।
मामले की शुरुआत तब हुई जब बांसातरखेड़ा निवासी दिनेश विश्वकर्मा ने दमोह देहात थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि नर्मदा पटेल, नीरज उर्फ धीरज पटेल और मालती पटेल ने मिलकर जबलपुर की खुशबू राजपूत से उनकी शादी करवाई थी। यह शादी 20 अप्रैल 2026 को रानीगंज मंदिर में संपन्न हुई थी। इस शादी के एवज में दिनेश ने आरोपियों को 1 लाख 70 हजार रुपये नकद और 2 लाख 40 हजार रुपये के जेवर दिए थे।
दुल्हन और सहयोगियों की गिरफ्तारी
शादी के तीन दिन बाद, 23 अप्रैल को, कथित दुल्हन खुशबू राजपूत को उसकी बड़ी बहन बनकर मालती पटेल जबलपुर ले गई। इसके बाद आरोपियों ने दिनेश विश्वकर्मा से संपर्क तोड़ दिया और धोखाधड़ी को अंजाम दिया। शिकायत के बाद, पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में पुलिस टीम ने मामले की विवेचना शुरू की।
जांच के दौरान, 28 अगस्त को पुलिस ने नर्मदा पटेल (निवासी बांसातरखेड़ा) और मालती पटेल (निवासी कनेरा) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मालती पटेल ने कबूल किया कि वह अपने पति नीरज उर्फ धीरज पटेल के साथ मिलकर शादी के नाम पर यह धोखाधड़ी करती थी। नीरज पटेल वर्तमान में पन्ना जेल में बंद है।
जबलपुर की 'लुटेरी दुल्हन' का पर्दाफाश
इसके बाद, 31 अगस्त को पुलिस ने 'लुटेरी दुल्हन' खुशबू राजपूत (निवासी रांझी, जबलपुर) को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी पता चला कि खुशबू राजपूत ने कोटा, राजस्थान में भी एक दूसरी शादी कर रखी थी, जिससे उसके इस गिरोह में सक्रिय होने की पुष्टि होती है।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 318 (4), 336 (3), 340 (2), और 3 (5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस टीम में निरीक्षक धर्मेंद्र उपाध्याय, उप निरीक्षक विक्रम दांगी, प्रधान आरक्षक रामकुमार, आरक्षक अखिलेश छारी, योगेंद्र, मनीष, महिला आरक्षक रचना विश्वकर्मा, महिला सैनिक गीता पटेल और सैनिक महफूज शामिल थे।
