दमोह पंजीयक कार्यालय में अवैध रजिस्टर जब्त, कलेक्टर ने दिए कार्रवाई के निर्देश
दमोह के पंजीयक कार्यालय में ऑनलाइन व्यवस्था के बावजूद अवैध रूप से टोकन रजिस्टर चलाए जाने का मामला सामने आया है। कलेक्टर ने रजिस्टर जब्त...

दमोह | संवाददाता: अनिल राठौर
द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 15 अक्टूबर 2026
दमोह जिले के पंजीयक कार्यालय में बड़े पैमाने पर हो रही धांधली और राजस्व हानि की शिकायतों के बाद, जिला कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने शनिवार को कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने एक ऐसे अवैध टोकन रजिस्टर को जब्त किया जो शासकीय संपदा 2.0 पोर्टल पर ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बावजूद, कार्यालय परिसर में अलग से संचालित किया जा रहा था। कलेक्टर ने इस गंभीर अनियमितता पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि ऑनलाइन टोकन प्रणाली के अस्तित्व में आने के बावजूद, पंजीयक कार्यालय में अभी भी एक मैनुअल रजिस्टर के माध्यम से टोकन की प्रविष्टियां की जा रही थीं। यह कार्य प्रणाली पारदर्शिता की कमी और भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रही थी। कलेक्टर यादव ने इस अवैध रजिस्टर को जब्त करने का आदेश दिया है और इस मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं।
पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने इस बात पर जोर दिया कि भूमि हस्तांतरण में नियमों का उल्लंघन और आवासीय प्लॉट की रजिस्ट्री को सामान्य प्लॉट के रूप में दर्ज करने जैसी अन्य शिकायतों की भी बारीकी से जांच की जाएगी। निरीक्षण के समय कार्यालय में एक युवक के पास संदिग्ध राशि पाई गई, जिसके स्रोत और उसके कार्यालय में उपस्थित होने की अनुमति पर भी सवाल उठाए गए। इस मामले की जांच के लिए पुलिस को भी शामिल किया जाएगा और प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का मुख्य लक्ष्य पंजीयन प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और 'फेसलेस' बनाना है, ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए, कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिया है कि अब सभी रजिस्ट्री कार्यालयों और संबंधित सर्विस प्रोवाइडरों के केंद्रों पर निर्धारित सरकारी शुल्कों की स्पष्ट जानकारी देने वाले सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे। इससे आम नागरिकों और किसानों को किसी भी अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा।
अवैध वसूली के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी
कलेक्टर ने पंजीयक कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि कार्यालय परिसर में किसी भी अनधिकृत व्यक्ति की उपस्थिति या गतिविधि किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि वे रजिस्ट्री के लिए केवल सरकारी निर्धारित शुल्क का ही भुगतान करें। यदि कोई भी व्यक्ति अतिरिक्त राशि की मांग करता है, तो उसकी तुरंत शिकायत दर्ज कराई जाए। इस तरह की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर जिले में पंजीयन व्यवस्था को सुदृढ़ और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। मामला उजागर होने के बाद, दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों और बाहरी व्यक्तियों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई तय है।
