दमोह में सड़कों से गौवंश हटाने का अभियान तेज, काउ लिफ्टर वाहन रवाना
दमोह जिले में सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गौवंश को सुरक्षित गौशालाओं तक पहुंचाने के लिए काउ लिफ्टर वाहन लॉन्च किया गया है। कलेक्टर ने...

द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: अनिल राठौर
द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 9 अक्टूबर 2026
दमोह जिले की सड़कों पर विचरण कर रहे निराश्रित गौवंश को सुरक्षित गौशालाओं तक पहुंचाने के लिए प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे 'सड़क से गौशाला' अभियान को अब गति मिली है। इस अभियान में वाहनों की कमी को पूरा करने के लिए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने एक नया काउ लिफ्टर वाहन उपलब्ध कराया है। इस विशेष वाहन को हरी झंडी दिखाकर अभियान के लिए रवाना किया गया है, जिससे गौवंश को सड़क दुर्घटनाओं से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने इस पहल के महत्व को स्पष्ट करते हुए कहा कि इसका प्राथमिक उद्देश्य सड़कों पर बैठे गौवंश को संभावित दुर्घटनाओं से बचाना है। उन्होंने रेखांकित किया कि सड़क पर मवेशियों की उपस्थिति न केवल यातायात को बाधित करती है, बल्कि पशुओं और आम नागरिकों दोनों के लिए गंभीर चोटों का कारण बनती है। अब तक, इस अभियान के तहत लगभग 6 हजार गौवंश को सुरक्षित रूप से गौशालाओं में पहुंचाया जा चुका है। कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि जब तक जिले के सभी निराश्रित मवेशियों को सुरक्षित आश्रय नहीं मिल जाता, यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। विशेष रूप से सांड और नंदी जैसे बड़े पशुओं को पकड़ने में काउ लिफ्टर वाहन की उपयोगिता को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया है।
जनसहभागिता और सुरक्षा सुझाव
समाजसेवी भाव सिंह लोधी ने इस मुद्दे पर प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए गौ-संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने पशुओं के चारे-पानी और स्वास्थ्य का समुचित ध्यान रखें। इसी क्रम में, संजय यादव ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए गौपालकों से अपील की कि वे अपने मवेशियों को सड़कों पर खुला न छोड़ें, बल्कि उनकी उचित देखरेख करें।
एक अन्य नागरिक, लाल चंद राय, ने इस अभियान को शासन की एक सराहनीय पहल करार दिया। उन्होंने सुरक्षा के मद्देनजर एक महत्वपूर्ण सुझाव भी दिया कि सड़कों पर बैठे गौवंश के सींगों पर रेडियम की पट्टियाँ लगाई जानी चाहिए। उनका मानना है कि इससे रात के समय वाहन चालकों को मवेशियों की उपस्थिति का समय रहते आभास हो सकेगा, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका कम हो जाएगी। कलेक्टर ने सभी गौपालकों से पुनः आग्रह किया कि वे अपने पशुओं को अपने परिसर में ही रखें और इस महत्वपूर्ण मुहिम में प्रशासन का सक्रिय सहयोग प्रदान करें, ताकि जिले की सड़कों को सभी के लिए सुरक्षित बनाया जा सके।
