दमोह में पुलिस स्मृति दिवस: 154 वीर जवानों को दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि
दमोह पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में देश की सुरक्षा हेतु प्राण न्योछावर करने वाले 154 वीर पुलिस एवं अर्धसैनिक बल के जवानों को पुष्पांजलि...

Damoh | संवाददाता: सोनू अठया
द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 21 अक्टूबर 2026
दमोह पुलिस लाइन में बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें देश की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले 154 वीर पुलिस एवं अर्धसैनिक बल के जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कर्तव्य की वेदी पर अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले इन बहादुरों के सम्मान में पुलिस बल द्वारा भव्य परेड का प्रदर्शन किया गया, जो पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण रही।
इस अवसर पर शहीद पुलिस अधिकारी स्व. मदन त्रिवेदी के परिजनों को शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेंद्र सिंह लोधी, सांसद राहुल सिंह लोधी, दमोह विधायक जयंत मलैया, कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
शहीदों के बलिदान को राष्ट्र की अमूल्य धरोहर बताया
राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने अपने संबोधन में शहीदों के बलिदान को राष्ट्र की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस उन अमर जवानों को याद करने का एक विशेष दिन है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनके इस त्याग और कर्तव्यनिष्ठा से आने वाली पीढ़ियां सदैव प्रेरणा लेती रहेंगी। उन्होंने आगे कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा में पुलिस बल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनके बलिदानों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। ये वे बहादुर हैं जिन्होंने बिना किसी स्वार्थ के अपने कर्तव्यों का पालन किया और अपने प्राणों की आहुति दी।
वहीं, सांसद राहुल सिंह लोधी ने इस अवसर पर कहा कि जवानों के समर्पण और अदम्य साहस के कारण ही देश में कानून-व्यवस्था और अमन-चैन कायम है। उन्होंने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के लिए उनका योगदान अतुलनीय है और राष्ट्र उनका सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ऐसे अवसर हमें अपने सुरक्षा कर्मियों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का मौका देते हैं, जो हर पल हमारी सुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि शहीदों के परिवारों का सम्मान करना हमारा नैतिक कर्तव्य है।
नागरिकों से शहीदों के सम्मान में कृतज्ञ रहने का आह्वान
दमोह विधायक जयंत मलैया ने अपने संबोधन में कहा कि 21 अक्टूबर का दिन उन वीर शहीदों की याद दिलाता है, जिन्होंने देश के नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने जीवन की आहुति दी। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे सदैव शहीदों के सम्मान में कृतज्ञ रहें और उनके बलिदानों को याद रखें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने में इन जवानों का योगदान अनमोल है। उनका बलिदान हमें यह सिखाता है कि राष्ट्र सेवा सबसे बड़ा धर्म है।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि राष्ट्र की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए दिया गया बलिदान सदियों तक स्मरणीय रहेगा। उन्होंने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे जवानों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर ईमानदारी और निष्ठा से अपने-अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। उन्होंने सुरक्षा कर्मियों के साहस को सलाम करते हुए कहा कि वे हमारे समाज के प्रहरी हैं, जो निडर होकर विषम परिस्थितियों का सामना करते हैं। उनके शौर्य और पराक्रम से ही हम सुरक्षित महसूस करते हैं।
सुरक्षा बलों के साहस और समर्पण से प्रेरणा
पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि ने बताया कि देश भर के पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों का साहस और राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण हम सभी के लिए एक बड़ा प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि इन वीर जवानों की शहादत हमें अपने कर्तव्यों के प्रति अधिक सजग और समर्पित रहने की प्रेरणा देती है। यह न केवल एक स्मरण दिवस है, बल्कि हमारे सुरक्षा कर्मियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी है। इस दौरान कार्यक्रम का संचालन पं. विपिन चौबे ने किया।
दमोह पुलिस लाइन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश की सेवा में शहीद हुए जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करना और उनके बलिदान को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा के रूप में स्थापित करना था। उपस्थित सभी गणमान्य नागरिकों और पुलिस कर्मियों ने शहीदों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें सादर नमन किया। यह आयोजन देश की आंतरिक सुरक्षा में पुलिस बल की महत्वपूर्ण और निस्वार्थ भूमिका को रेखांकित करने वाला रहा, जो निरंतर देशवासियों की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। इन वीरगति को प्राप्त जवानों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारना और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाना है।
