दमोह में 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के तहत जन-जागरूकता कार्यक्रम
दमोह जिले में 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के तहत वृहद जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। नाट्य प्रस्तुतियों और सम्मान समारोह के माध्यम से...

द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 29 जुलाई 2026
जिला दमोह में आज, 29 जुलाई 2026 को, मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के अंतर्गत एक वृहद जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नशीली पदार्थों के सेवन से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति आमजन और युवाओं को जागरूक करना था। कार्यक्रम में सागर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री मिथलेश शुक्ला, उप पुलिस महानिरीक्षक श्री शशीन्द्र सिंह चौहान और जिला दमोह के पुलिस अधीक्षक श्री आनंद कलादगि (भा.पु.से.) विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, पुलिस महानिरीक्षक श्री मिथलेश शुक्ला और उप पुलिस महानिरीक्षक श्री शशीन्द्र सिंह चौहान ने 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के महत्व और इसके उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नशा किसी भी व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए एक विनाशकारी अभिशाप है। नशे की लत न केवल युवाओं के भविष्य को अंधकारमय बनाती है, बल्कि यह परिवार की आर्थिक, सामाजिक और मानसिक स्थिति को भी गंभीर रूप से प्रभावित करती है। दोनों अधिकारियों ने उपस्थित छात्र-छात्राओं, युवाओं और नागरिकों से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।
अभियान के तहत अब तक के प्रयासों का प्रदर्शन
पुलिस अधीक्षक जिला दमोह श्री आनंद कलादगि (भा.पु.से.) ने अपने संबोधन में 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के तहत जिला दमोह पुलिस द्वारा अब तक किए गए विभिन्न जन-जागरूकता प्रयासों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस अभियान के माध्यम से जिले भर के विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, धार्मिक स्थलों, औद्योगिक क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थानों पर निरंतर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और अन्य ऑनलाइन माध्यमों का प्रभावी ढंग से उपयोग करके भी अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया है। श्री कलादगि ने यह भी जानकारी दी कि ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से लाखों नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं और आमजन तक नशामुक्ति का महत्वपूर्ण संदेश पहुंचाया जा चुका है। उन्होंने इस अभियान की सफलता में जनभागीदारी को सबसे बड़ी शक्ति बताया और सभी नागरिकों के सहयोग से नशामुक्त समाज के लक्ष्य को प्राप्त करने के प्रति विश्वास व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान, अब तक के जागरूकता कार्यक्रमों पर आधारित एक संक्षिप्त वीडियो का एलईडी स्क्रीन पर प्रसारण भी किया गया, जिसने किए गए प्रयासों की झलक पेश की।
नाटकीय प्रस्तुति से नशामुक्ति का संदेश
कार्यक्रम के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में, एक समर्पित ड्रामा टीम के कलाकारों द्वारा एक प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति दी गई। इस नाटक में नशे की लत से उत्पन्न होने वाले शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक और आर्थिक दुष्प्रभावों को अत्यंत मार्मिक ढंग से चित्रित किया गया। कलाकारों ने मंच पर यह संदेश दिया कि नशे की लत व्यक्ति को किस प्रकार धीरे-धीरे विनाश की ओर धकेलती है, जबकि एक नशामुक्त जीवन ही स्वस्थ, सुरक्षित और सफल भविष्य का आधार है। इस प्रस्तुति ने उपस्थित छात्र-छात्राओं और आम दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए एक सशक्त संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया। नाटक के दृश्यों ने नशाखोरी के सामाजिक और व्यक्तिगत परिणामों को जीवंत कर दिया, जिससे दर्शक भावुक हुए बिना नहीं रह सके।
खेलकूद और कला प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मान
जन-जागरूकता अभियान के साथ-साथ, नशा मुक्ति के संदेश को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न खेलकूद और कला प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया था। इन प्रतियोगिताओं में क्रिकेट, बैडमिंटन, वॉलीबॉल, रस्साकसी, चित्रकला और निबंध लेखन जैसी विधाएं शामिल थीं। कार्यक्रम के दौरान, इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को मुख्य अतिथियों द्वारा प्रशस्ति-पत्र, मेडल और पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने विजेताओं के प्रयासों की सराहना की और उन्हें समाज में नशामुक्ति अभियान के प्रेरक के रूप में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। यह सम्मान समारोह युवाओं को रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
नशामुक्त समाज के निर्माण का आह्वान
कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित सभी नागरिकों, विद्यार्थियों और प्रतिभागियों से नशामुक्त, स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया गया। अधिकारियों ने इस बात पर पुनः जोर दिया कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी से ही नशा जैसी गंभीर समस्या का समाधान संभव है। यह कार्यक्रम न केवल नशे के खतरों के बारे में जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि इसने एक स्वस्थ और जिम्मेदार नागरिक समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी बढ़ाया।
