दमोह में खनिज परिवहन हेतु ई-चेकगेट लागू, उद्यमियों को नई प्रणाली का प्रशिक्षण
दमोह में खनिज परिवहन में पारदर्शिता लाने के लिए नई ई-चेकगेट प्रणाली लागू की गई है। साथ ही, उद्यमियों के लिए व्यवसाय विस्तार और सरकारी...

द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: अनिल राठौर
द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 13 अक्टूबर 2026
मध्यप्रदेश शासन ने राज्य में खनिज परिवहन के क्षेत्र में पारदर्शिता और प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से एक नई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मानव रहित ई-चेकगेट प्रणाली लागू की है। इस नई प्रणाली के तहत, खनिज ढोने वाले सभी वाहनों के लिए रेडियो-फ्रीक्वेंसी (RF) टैग लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
खनिज अधिकारी द्वारा जारी किए गए निर्देशों के अनुसार, वाहन स्वामियों को ई-चेकगेट पोर्टल के माध्यम से इन टैग्स का ऑर्डर देना होगा और उनका भुगतान करना होगा। सात अक्टूबर 2026 से अगले एक माह की अवधि में इस प्रक्रिया को पूरा करना आवश्यक है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि इन आरएफ टैग्स के रखरखाव की जिम्मेदारी वाहन स्वामी की होगी। यदि टैग क्षतिग्रस्त पाया जाता है, तो संबंधित वाहन का पंजीकरण निरस्त किया जा सकता है।
उद्यमियों के लिए व्यवसाय विस्तार पर कार्यशाला
समानांतर रूप से, दमोह में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) विभाग द्वारा 'रैम्प' योजना के अंतर्गत मंगलम रेस्टोरेंट में दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले के उद्यमियों, महत्वाकांक्षी युवाओं और स्व-सहायता समूहों को वित्तीय जागरूकता, व्यवसाय के औपचारिकीकरण और गुणवत्ता सुधार जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं पर प्रशिक्षित करना है।
कार्यशाला के पहले दिन, विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को एमएसएमई प्रोत्साहन नीति, जेड सर्टिफिकेशन, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) और ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) जैसे विषयों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के प्रबंधकों और विभिन्न वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी उद्यमियों को प्रोत्साहित किया कि वे शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ उठाकर अपने व्यवसायों को निरंतर आगे बढ़ाएं।
इस कार्यशाला के दूसरे दिन, स्टार्टअप अवेयरनेस और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन के माध्यम से स्थानीय स्तर पर व्यवसाय संचालन की प्रक्रियाओं को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
