दमोह की छात्राओं ने लोकगीत और समूह गान में मारी बाजी
दमोह में आयोजित जिला स्तरीय समूह गान प्रतियोगिता में पीएमश्री विद्यालय की छात्राओं ने लोकगीत में प्रथम और समूह गान में तृतीय स्थान प्राप्त कर...

दमोह | संवाददाता: अनिल राठौर
द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 15 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश के दमोह जिले में आयोजित जिला स्तरीय समूह गान प्रतियोगिता में पीएमश्री विद्यालय की छात्राओं ने अपनी गायन प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए लोकगीत प्रस्तुति में प्रथम स्थान और समूह गान में तृतीय स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि से विद्यालय और स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है।
यह प्रतियोगिता 15 अक्टूबर 2014 को दमोह के विद्या वाटिका परिसर में भारत विकास परिषद की रानी दमयंती और अटल शाखा द्वारा आयोजित की गई थी। कार्यक्रम का संचालन रवि गोस्वामी ने किया, जबकि निर्णायक मंडल में डॉ. अरुणा उज्जैनकर, डॉ. श्याम सुंदर शुक्ला, रवि वर्मन और खेमचंद अठ्या शामिल थे।
छात्राओं ने बिखेरा सांस्कृतिक रंग
पीएमश्री विद्यालय की छह मेधावी छात्राओं - प्राची रैकवार, पलक रजक, नताशा रजक, बबीता रजक, अंजली यादव और प्रीति खंगार - ने श्रीमती प्रेमलता उपाध्याय के कुशल मार्गदर्शन में अपनी कला का प्रदर्शन किया। छात्राओं ने देशभक्ति से ओतप्रोत हिंदी गीत 'चलो जवानों, बढ़ो जवानों, माँ ने हमें पुकारा है' और संस्कृत गीत 'जयति जननी जन्मभूमि, पुण्य भुवनम् भारतम्' प्रस्तुत किए। इन गीतों के माध्यम से उन्होंने अपनी देशभक्ति और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
उनकी प्रस्तुतियों को न केवल सराहा गया, बल्कि उनके समर्पण और अभ्यास को भी दर्शाया गया। श्रीमती प्रेमलता उपाध्याय के निरंतर प्रोत्साहन और प्रशिक्षण ने छात्राओं को मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए तैयार किया। उन्होंने विभिन्न विधाओं में अपनी गायन क्षमता का लोहा मनवाया, जो उनके बहुआयामी प्रतिभा का प्रमाण है।
लोकगीत प्रस्तुति से मनमोह लिया
विशेष रूप से, छात्राओं की लोकगीत 'मोरी नरम कलाई गड़े ककना, पिया केसैं डुलाऊं रस के बिजना' की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह गीत, जो ग्रामीण परिवेश और पारंपरिक संस्कृति की झलक प्रस्तुत करता है, श्रोताओं के दिलों को छू गया। इसी प्रस्तुति के बल पर उन्होंने लोकगीत प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अर्जित किया, जो उनकी स्थानीय लोक संस्कृति के प्रति गहरी समझ और गायन की असाधारण क्षमता को दर्शाता है।
इसके अतिरिक्त, समूह गान में भी उन्होंने तीसरा स्थान प्राप्त कर जिले भर में अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई। यह दोहराई गई सफलता विद्यालय के लिए गर्व का क्षण है और यह सिद्ध करती है कि छात्राएं विभिन्न संगीतीय शैलियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में सक्षम हैं। विद्यालय परिवार ने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं और इस आयोजन को स्थानीय सांस्कृतिक विकास में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। इस प्रतियोगिता ने दमोह में संगीत और कला को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, और भविष्य में ऐसी और भी प्रतियोगिताओं के आयोजन की उम्मीद है।
