दमोह का विकास: विधायक और कलेक्टर की बैठक में अहम दिशा-निर्देश
दमोह में विधायक जयंत मलैया की अध्यक्षता में नगरपालिका की बैठक हुई। बैठक में शहर के विकास, नागरिक सुविधाओं और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई।

संवाददाता: अनिल कुमार पथोड़
द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 2 सितंबर 2026
दमोह शहर के सर्वांगीण विकास और नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। विधायक जयंत मलैया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में नगरपालिका से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। शहर के विकास, नागरिक सुविधाओं में विस्तार तथा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदमों और प्रभावी नियम-कायदों पर विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में विधायक मलैया ने शहर के विकास के लिए सभी संबंधितों से मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने नगरपालिका के कार्यों में सभी की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया। विधायक ने कहा कि यह एक नैतिक जिम्मेदारी का विषय है, जिसके लिए कानूनी बाध्यता न होने पर भी नगरपालिका अधिकारियों, नेता प्रतिपक्ष और उपाध्यक्ष द्वारा हस्ताक्षर कर जिम्मेदारी लेना आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शहर के विकास के लिए यदि कोई एक व्यक्ति कार्य पूरा नहीं कर पाता है, तो अन्य व्यक्तियों को आगे आकर उस कार्य को संपन्न कराना चाहिए। विधायक ने पूर्व में विद्युत मंडल की बैठक के भी सकारात्मक परिणामों का उल्लेख किया।
शहर के विकास कार्यों की प्राथमिकताएं और समय-सीमा
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बैठक को संबोधित करते हुए शहर के विकास कार्यों को गति देने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर के विकास के लिए प्रस्तावित प्रत्येक कार्य की एक निश्चित समय-सीमा तय की जाएगी, ताकि कार्य समय पर पूर्ण हो सकें। कलेक्टर ने स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति, कचरा प्रबंधन और अन्य महत्वपूर्ण नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे, नगरपालिका उपाध्यक्ष सुषमा विक्रम सिंह, विजय जैन, एसडीएम सौरभ गंधर्व, डिप्टी कलेक्टर ब्रजेश सिंह, नगरपालिका सीएमओ राजेन्द्र सिंह लोधी, पीडब्ल्यूडी ईई जेपी सोनकर, जिला शिक्षा अधिकारी सत्यम चौरसिया, विक्रम सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और नगरपालिका के अधिकारी उपस्थित रहे। इस बैठक का उद्देश्य शहर की प्रमुख समस्याओं का समाधान खोजना और विकास की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना था।
