दमोह जिला अस्पताल में दवाओं के वितरण में गंभीर अनियमितताएं, दो कर्मचारी निलंबित
दमोह जिला अस्पताल में दवाओं के भंडारण और वितरण में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया है। दो कर्मचारियों को निलंबित किया गया है, जबकि 21 के वेतन पर रोक लगा दी गई है।

द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 20 अगस्त 2026
दमोह जिला अस्पताल के स्टोर रूम में दवाओं के भंडारण और वितरण व्यवस्था का निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर प्रताप नारायण यादव को गंभीर अनियमितताएं मिली हैं। इस दौरान दो कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, साथ ही 21 अन्य कर्मचारियों के तीन दिनों का वेतन काटने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। कलेक्टर ने दवाओं के वितरण में लापरवाही और स्टॉक प्रबंधन में पाई गई विसंगतियों पर गहरी नाराजगी जताई है।
कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि सरकार द्वारा मरीजों के लिए उपलब्ध कराई जा रही दवाओं का लाभ आमजन और जरूरतमंद मरीजों तक समय पर पहुंचना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी मरीज को आवश्यक दवाओं के लिए बाजार का रुख करने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए।
स्टोर रूम में पाई गईं गंभीर खामियां
निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि वर्ष 2025 में विभिन्न शासकीय अस्पतालों से प्राप्त 16 दवा खरीद के प्रस्ताव (इंडेंट) अब तक जारी नहीं किए गए थे। इसके अतिरिक्त, जनवरी 2026 से अब तक के 39 इंडेंट भी लंबित पाए गए। कलेक्टर ने इस गंभीर चूक पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं। जिन दवाओं का स्टॉक नहीं है, उनके लिए संबंधित एजेंसियों को मांग पत्र भेजा जा चुका है और दवाएं मिलते ही उन्हें अस्पतालों में वितरित कर दिया जाएगा।
तत्काल सुधार के निर्देश
कलेक्टर यादव ने दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और वितरण प्रक्रिया को सुचारू बनाने के उद्देश्य से 24 घंटे के भीतर इंडेंट जारी करने की व्यवस्था को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दवाओं की कमी के कारण किसी भी मरीज को असुविधा नहीं होनी चाहिए। यह निर्देश जिला अस्पताल के साथ-साथ अन्य शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों पर भी लागू होंगे, ताकि दवाओं का वितरण एक समान और पारदर्शी तरीके से हो सके।
