दमोह: जनसुनवाई में 212 आवेदन, लंबित मजदूरी भुगतान व दिव्यांग प्रमाण-पत्र पर कार्रवाई
दमोह कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में 212 आवेदनों पर सुनवाई हुई। छह माह से लंबित मजदूरी भुगतान के निर्देश दिए गए और चलने में असमर्थ एक आवेदक को तत्काल दिव्यांग प्रमाण-पत्र जारी किया गया।

द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 25 अगस्त 2026
दमोह जिले के कलेक्टर कार्यालय में 25 अगस्त 2026 को आयोजित जनसुनवाई में आम जनता की समस्याओं का समाधान किया गया। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव की अध्यक्षता में आयोजित इस सुनवाई में दूर-दराज के क्षेत्रों से आए 212 आवेदकों के मामलों पर सुनवाई हुई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा के भीतर निराकरण करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
इस जनसुनवाई के दौरान कुल 212 आवेदनों पर विचार किया गया। इनमें से 15 आवेदन आधार कार्ड से संबंधित थे, जिनके अपडेशन की प्रक्रिया की गई। इसके अतिरिक्त, 150 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण भी संपन्न हुआ, जिससे उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का प्रारंभिक आकलन किया जा सके। जनसुनवाई में कई ऐसे आवेदन भी आए जो व्यक्तिगत न होकर सामूहिक थे, जिन पर भी गंभीरता से चर्चा हुई।
लंबित मजदूरी भुगतान के निर्देश
जनसुनवाई में शासकीय जनजातीय बालक छात्रावासों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों और रसोईयों ने छह माह से मजदूरी का भुगतान लंबित होने की शिकायत की। आवेदकों ने बताया कि वे पिछले दस वर्षों से छात्रावासों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनकी व्यथा सुनकर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जनजातीय कार्य विभाग के संबंधित अधिकारियों को इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने और लंबित मजदूरी का भुगतान शीघ्र सुनिश्चित करने का आदेश दिया।
दिव्यांग प्रमाण-पत्र जारी करने में त्वरित कार्रवाई
जनसुनवाई में विकासखंड हटा के ग्राम करैया मोहरई से आए एक आवेदक विश्वनाथ आदिवासी ने विशेष रूप से ध्यान आकर्षित किया। चलने-फिरने में असमर्थ विश्वनाथ ने दिव्यांग प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए अपनी समस्या कलेक्टर के समक्ष रखी। कलेक्टर यादव ने सीएमएचओ (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी) को तत्काल निर्देश दिए कि आवेदक को जिला चिकित्सालय के मेडिकल बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
मेडिकल बोर्ड द्वारा किए गए आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षणों में हड्डी संबंधी व्याधि के कारण दिव्यांगता की पुष्टि हुई। इसके उपरांत, विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में दिव्यांग प्रमाण-पत्र तैयार कर तत्काल आवेदक को प्रदान किया गया, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिल सके। इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की गई।
