दमोह जनसुनवाई: 319 आवेदनों पर त्वरित सुनवाई, छात्रावास बदलेगा, दिव्यांगों को मिलेगी सहायता
दमोह में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव की जनसुनवाई में 319 आवेदन पहुंचे। छात्रावास भवन बदलने, दिव्यांगों को सहायता और वृद्ध महिलाओं के भरण-पोषण जैसे मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 21 जुलाई 2026
दमोह जिले में आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने आमजन द्वारा प्रस्तुत 319 आवेदनों पर गंभीरता से सुनवाई की। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रत्येक समस्या का त्वरित और संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि नागरिकों को न्याय मिल सके।
जनसुनवाई के दौरान अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावास, दमोह के विद्यार्थियों ने अपने रहने के स्थान को लेकर महत्वपूर्ण चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि छात्रावास भवन के भूतल में लगातार जलभराव और सीलन की समस्या बनी रहती है, जिससे उनके स्वास्थ्य और पढ़ाई पर बुरा असर पड़ता है। विद्यार्थियों की इस जायज मांग को समझते हुए कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से छात्रावास भवन को परिवर्तित करने की अनुमति प्रदान कर दी।
दिव्यांगजनों के लिए सहायता और न्याय प्रक्रिया
दिव्यांगजनों से संबंधित मामलों में भी कलेक्टर ने त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। इसमें तत्काल चिकित्सकीय परीक्षण के लिए दिव्यांग शिविरों में भेजने और उनकी आवश्यकतानुसार सहायक उपकरण जैसे कृत्रिम अंग, व्हीलचेयर आदि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश शामिल हैं।
वृद्ध महिलाओं को मिला भरण-पोषण का अधिकार
जनसुनवाई में 70 से 75 वर्ष की आयु की दो वृद्ध महिलाओं ने अपने परिवारों में दुर्व्यवहार और संपत्ति हड़पने के दबाव की शिकायत लेकर पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि उनके अपने ही बेटे उन्हें घर से निकाल रहे हैं और उनकी संपत्ति को अपने नाम कराने के लिए दबाव बना रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने इसे एक गंभीर प्रकरण मानते हुए तत्काल एसडीएम को अवगत कराया और केस दर्ज करने के निर्देश दिए। भरण-पोषण अधिनियम के तहत संबंधित बेटों को नोटिस जारी कर दिया गया है, ताकि वृद्ध महिलाओं को उनका हक मिल सके और वे सम्मानजनक जीवन जी सकें। इस कार्रवाई से ऐसे मामलों में अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी।
