दमोह: जबेरा पुलिस ने लूट की घटना का खुलासा कर तीन आरोपी गिरफ्तार किए
दमोह के जबेरा में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लूट की वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने लूटा गया माल और नगदी भी बरामद कर ली है।

द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 8 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश के दमोह जिले के जबेरा थाना पुलिस ने लूट की एक सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई, जिसमें लूटा गया सामान और नकदी भी बरामद हुई है।
यह घटना 4 अगस्त 2026 की रात करीब 11 बजे हुई थी। फरियादी संदीप राय ने थाना जबेरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने दोस्त शुभम साहू के साथ मोटरसाइकिल से जबेरा जा रहा था। दाने बाबा मंदिर के पास अज्ञात व्यक्तियों ने उनकी मोटरसाइकिल रोक ली, आंखों में मिर्ची पाउडर झोंककर मारपीट की। इसके बाद आरोपियों ने फरियादी की जेब से 20 हजार रुपये, दो मोबाइल फोन, कपड़ों का एक बैग और मोटरसाइकिल की चाबी लूट ली और फरार हो गए। फरियादी की रिपोर्ट के आधार पर थाना जबेरा में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 126(2), 309(6), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए, थाना प्रभारी जबेरा के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चंदन उर्फ बहेरा (22) निवासी बिछिया कॉलोनी जबेरा, ईदुल नवी उर्फ कचरा (26) निवासी कटंगी जिला जबलपुर, और राहुल यादव (21) निवासी कूडन मोहल्ला कटंगी जिला जबलपुर के रूप में हुई है।
पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार आरोपियों ने लूट की घटना में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लूटा गया मशरूका (सामान) और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस सराहनीय और त्वरित कार्यवाही में थाना प्रभारी जबेरा उपनिरीक्षक रविन्द्र बागरी, चौकी प्रभारी सिंग्रामपुर उपनिरीक्षक विकास सिंह चौहान, उपनिरीक्षक गणेश दुबे, सहायक उपनिरीक्षक माधव राय, प्रधान आरक्षक देवेन्द्र रेकवार, प्रधान आरक्षक ऋषभ जैन, प्रधान आरक्षक वीरेन्द्र वाडेकर, आरक्षक विवेक कटारे, आरक्षक राजू वास्केल, आरक्षक अनमोल दीक्षित, आरक्षक प्रवीण, आरक्षक यशराज, आरक्षक उज्जवल खान, महिला आरक्षक अर्पणा पाठक, और साइबर सेल दमोह की टीम के प्रधान आरक्षक सौरभ टंडन, प्रधान आरक्षक राकेश आठया, आरक्षक मयंक दुबे और आरक्षक रोहित राजपूत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
