दमोह: जबेरा में छह अवैध क्लीनिकों पर प्रशासन का शिकंजा, दवाइयां जब्त
दमोह जिले के जबेरा में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए छह अवैध क्लीनिकों पर दबिश दी। सड़क हरदुआ में एक क्लीनिक से दवाइयां जब्त की गईं, जबकि अन्य क्लीनिक निरीक्षण के दौरान बंद मिले।

संवाददाता: सोनू अठया
द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 15 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश के दमोह जिले के जबेरा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर संचालित हो रहे अवैध क्लीनिकों के खिलाफ प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राकेश राय के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने जबेरा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में छह ऐसे क्लीनिकों पर छापामार कार्रवाई की, जो बिना आवश्यक अनुमति के संचालित हो रहे थे। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध रूप से चिकित्सा व्यवसाय करने वालों में हड़कंप मच गया है।
टीम का नेतृत्व ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. राहुल जैन और तहसीलदार आशुतोष गुप्ता ने किया। इस संयुक्त अभियान में मेडिकल ऑफिसर डॉ. अभिषेक मोदी, डॉ. हीरालाल, नायब तहसीलदार राजेश साहू, फार्मासिस्ट सुनील सोनी, लोकेश तिवारी, बीएएम अंशु गुप्ता के साथ-साथ पुलिस बल भी मौजूद रहा, जिसने कार्रवाई को अंजाम दिया।
सड़क हरदुआ में मिलीं अवैध दवाइयां, जिला प्रशासन को भेजा प्रस्ताव
छापेमारी के दौरान, संयुक्त टीम ने ग्राम सड़क हरदुआ में संचालित एक क्लीनिक की गहन जांच की। जांच के दौरान टीम को वहां से कई प्रकार की दवाइयां मिलीं, जिन्हें मौके पर जब्त कर लिया गया। इस क्लीनिक के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई के लिए विस्तृत प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा गया है। प्रशासन की यह कार्रवाई दर्शाती है कि अवैध रूप से संचालित हो रहे चिकित्सा प्रतिष्ठानों के खिलाफ गंभीर कदम उठाए जा रहे हैं।
जबेरा और अन्य समीपवर्ती गांवों में भी अन्य क्लीनिकों की जांच की गई। हालांकि, निरीक्षण के समय ये क्लीनिक बंद पाए गए। प्रशासन का मानना है कि यह भी अवैध संचालन का एक तरीका हो सकता है और ऐसे प्रतिष्ठानों की बारीकी से निगरानी की जाएगी।
सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना मुख्य उद्देश्य
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि क्षेत्र में संचालित होने वाले सभी क्लीनिक आवश्यक अनुमतियों के साथ-साथ निर्धारित चिकित्सा मानकों का पालन करें। प्रशासन का प्रयास है कि आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं मिलें, न कि जान जोखिम में डालने वाले गैर-मानकीकृत उपचार। इस कार्रवाई के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की कोताही या नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
