दमोह: बड़ी देवी मंदिर में विधिक सहायता स्टॉल का शुभारंभ, आमजन को मिलेगी कानूनी जानकारी
दमोह के बड़ी देवी मंदिर परिसर में नवरात्रि के अवसर पर विधिक सहायता स्टॉल का शुभारंभ किया गया है। इसका उद्देश्य आमजन को उनके कानूनी...

दमोह | संवाददाता: अनिल राठौर
द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 13 अक्टूबर 2026
दमोह के प्रसिद्ध बड़ी देवी मंदिर परिसर में नवरात्रि के पावन अवसर पर आमजन को कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने और सरकारी विधिक योजनाओं की जानकारी सुलभ कराने के उद्देश्य से एक विशेष विधिक सहायता स्टॉल का शुभारंभ किया गया है। यह पहल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित एक जागरूकता शिविर के अंतर्गत की गई है।
प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष सुभाष सोलंकी ने स्टॉल का अवलोकन करते हुए वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विधिक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए निरंतर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि पात्र नागरिक सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।
नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं को मिलेगी विधिक सहायता
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव उषाकांता कृषाण ने बताया कि नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने आते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधान जिला न्यायाधीश के निर्देशानुसार, इस विधिक सहायता स्टॉल पर प्रतिदिन एक पैरालीगल वॉलंटियर (पीएलवी) की तैनाती की गई है। श्रद्धालु यहां आकर विभिन्न विधिक जानकारियों को प्राप्त कर सकते हैं।
यह स्टॉल विशेष रूप से उन लोगों के लिए मददगार साबित होगा जो कानूनी प्रक्रियाओं से अनभिज्ञ हैं या जिन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उचित मार्गदर्शन की आवश्यकता है। यहां उन्हें सरकारी विधिक सहायता, मुफ्त कानूनी सलाह और अन्य संबंधित योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की जाएगी।
कानूनी मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास
सचिव उषाकांता कृषाण ने आगे कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति को अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता हो, तो वह जिला न्यायालय स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं। इस प्रयास को आम जनता को कानून की मुख्य धारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस अवसर पर विशेष न्यायाधीश उदय सिंह मरावी, विशेष न्यायाधीश विश्वनाथ शर्मा, जिला न्यायाधीश धर्मेश भट्ट, पंकज शर्मा, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी स्नेहा सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट नीलेश मुलतकर, दीर्घा ऐरन, उत्कर्ष दिवाकर, पलक सिघई दिवाकर सहित अनेक अधिवक्तागण और मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
