दबोह की जनसमस्याओं पर सांसद को ज्ञापन, स्वास्थ्य और आवारा पशुओं पर समाधान की मांग
भिंड जिले के दबोह में नागरिकों ने सांसद संध्या राय को ज्ञापन सौंपकर स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और आवारा पशुओं की समस्या पर तत्काल समाधान...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | भिण्ड | 1 अक्टूबर 2026
भिंड-दतिया संसदीय क्षेत्र की सांसद संध्या राय को दबोह के स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर की वर्षों से उपेक्षित तीन गंभीर समस्याओं के समाधान हेतु एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा है। इस मुलाकात के दौरान, नागरिकों ने विशेष रूप से आवारा मवेशियों के कारण उत्पन्न यातायात जाम की विकट स्थिति और बढ़ती दुर्घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को अवगत कराया कि नगर की सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं की बड़ी संख्या के चलते अक्सर यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाएं भी घटित हो रही हैं। इस समस्या के स्थायी समाधान के तौर पर, नागरिकों ने नगर में एक व्यवस्थित गौशाला के निर्माण की पुरजोर मांग रखी है, ताकि मवेशियों को सड़कों से हटाकर सुरक्षित आश्रय प्रदान किया जा सके।
स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और समाधान की अपेक्षा
जनसमस्याओं के ज्ञापन में स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल स्थिति को भी रेखांकित किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि अस्पताल में स्थाई डॉक्टरों और आवश्यक आपातकालीन स्टाफ का अभाव है, जिसके कारण गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। नागरिकों ने मांग की है कि अस्पताल में चौबीसों घंटे आपातकालीन सेवाएं सुनिश्चित की जाएं और डॉक्टरों की स्थाई पदस्थापना की जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
इसके अतिरिक्त, नगर के एकमात्र मुक्तिधाम की दयनीय स्थिति का भी उल्लेख किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने सांसद से आग्रह किया कि मुक्तिधाम परिसर का कायाकल्प किया जाए और वहां आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का विकास कराया जाए, ताकि अंतिम संस्कार जैसे महत्वपूर्ण कर्मकांड सुचारू रूप से संपन्न हो सकें।
भूरे यादव, आनंद बड़ागांव, शिवम रजक और तनवीर पठान सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिकों और समाजसेवियों ने इस मुलाकात में भाग लिया। सभी ने एक स्वर से इन समस्याओं को नगर के विकास में सबसे बड़ी बाधा बताया और शासन-प्रशासन से इन पर त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा जताई। सांसद संध्या राय ने सभी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना और उनके उचित निराकरण का आश्वासन दिया। नागरिकों की यह सक्रियता दबोह में व्यवस्था सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, और वे इन मुद्दों के समाधान होने तक अपना संघर्ष जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
