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चुनाव शपथपत्र मामला: मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ याचिका खारिज

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता नीरज शर्मा की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर चुनावी हलफनामे में संपत्ति छिपाने का आरोप था।

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चुनाव शपथपत्र मामला: मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ याचिका खारिज

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 1 अगस्त 2026

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को बड़ी राहत देते हुए कांग्रेस नेता नीरज शर्मा द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया है। यह याचिका मंत्री राजपूत के विधानसभा चुनाव के दौरान प्रस्तुत किए गए चुनावी शपथपत्र में संपत्ति संबंधी जानकारी छिपाने के आरोपों को लेकर दायर की गई थी।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए 29 जुलाई 2026 को कांग्रेस नेता नीरज शर्मा की याचिका को 'पूर्णतः भ्रांतिपूर्ण' करार देते हुए निरस्त कर दिया। इसी विषय से संबंधित कांग्रेस नेता राजकुमार धनोरा द्वारा दायर एक अन्य याचिका पर भी संयुक्त रूप से सुनवाई हुई। निर्वाचन आयोग ने भी इस मामले में उच्च न्यायालय में अपना जवाब प्रस्तुत किया है। हालांकि, धनोरा की ओर से उनके अधिवक्ता ने बहस के लिए समय मांगा, जिसके बाद न्यायालय ने याचिका की पोषणीयता पर सुनवाई के लिए 4 अगस्त की तिथि निर्धारित की है।

संपत्ति विवरण छिपाने का आरोप

दोनों याचिकाओं में यह आरोप लगाया गया था कि मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अपने परिवार से संबंधित एक शिक्षा समिति की संपत्तियों का विवरण अपने चुनावी हलफनामे में शामिल नहीं किया। इस पर मंत्री की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता विवेक रंजन पाण्डेय ने न्यायालय में पक्ष रखते हुए कहा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के अनुसार, प्रत्याशी को केवल अपनी तथा अपने आश्रितों की संपत्ति का विवरण देना अनिवार्य होता है। मंत्री राजपूत ने अपने और अपनी आश्रित पत्नी की सभी संपत्तियों का पूर्ण विवरण शपथपत्र में प्रस्तुत किया था और किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं छिपाई गई थी।

याचिकाओं की समय-सीमा पर सवाल

अधिवक्ता पाण्डेय ने यह भी तर्क दिया कि दोनों याचिकाएं विधानसभा चुनाव संपन्न होने के लगभग दो वर्ष बाद दायर की गईं, जो निर्वाचन कानूनों की भावना के अनुरूप नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने भी न्यायालय से इन याचिकाओं को निरस्त किए जाने का आग्रह किया है।

मंत्री राजपूत ने बताया छवि धूमिल करने का प्रयास

फैसले के बाद अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि उन्होंने अब तक सात विधानसभा चुनाव लड़े हैं और किसी भी चुनाव में उन्होंने अपने चुनावी शपथपत्र में कोई जानकारी नहीं छिपाई है। उनके अनुसार, उनके विरुद्ध आज तक कोई चुनाव याचिका भी प्रस्तुत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि उनके विरुद्ध केवल मीडिया में सस्ती लोकप्रियता हासिल करने और उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से असत्य एवं भ्रामक तथ्यों के आधार पर रिट याचिकाएं दायर की गई थीं। मंत्री ने न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिलने का पूरा भरोसा है।