चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल: एसयूसीआई(सी) ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग की
गुना में एसयूसीआई(सी) ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने मतदाता...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 25 सितंबर 2026
गुना के हनुमान चौराहे पर शुक्रवार को एसयूसीआई(सी) (Socialist Unity Centre of India (Communist)) के कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के राज्य कमेटी सदस्य लोकेश शर्मा ने मीडिया में आए खुलासों का हवाला देते हुए कहा कि इन घटनाओं ने चुनाव आयोग की सत्यनिष्ठा पर जनता का विश्वास कम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने सत्ताधारी दल भाजपा के पक्ष में एकतरफा फैसले लिए, जिससे विभिन्न राज्यों में उनकी चुनावी जीत सुनिश्चित हुई।
कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि तीन में से दो चुनाव आयुक्तों ने आयोग के कई फैसलों पर अपनी आपत्ति दर्ज की थी, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मौजूदा कानूनों का उल्लंघन कर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया। इस प्रदर्शन के दौरान, पार्टी के जिला कमेटी सदस्य मनोज रजक ने इसे 'लोकतांत्रिक संस्थानों पर फासीवादी हमला' करार दिया।
मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग
विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से दो प्रमुख मांगें उठाई गईं। पहली, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल उनके पद से बर्खास्त किया जाए। दूसरी मांग एसआईआर (Special ituition for Registration) प्रक्रिया को तुरंत रोकने और मतदाता सूची से हटाए गए तेरह करोड़ मतदाताओं के नामों को पुनः शामिल करने की थी। प्रदर्शन का संचालन जिला कमेटी सदस्य विकास बंसल ने किया।
मतदाता सूची से नाम हटाने का विरोध
एसयूसीआई(सी) के कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नामों को हटाए जाने पर भी चिंता व्यक्त की। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया के माध्यम से मतदाताओं को मताधिकार से वंचित किया जा रहा है, जो एक अलोकतांत्रिक कदम है। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की छायाचित्र प्रतियों को जलाकर अपना गहरा विरोध दर्ज कराया। स्थानीय स्तर पर इस प्रदर्शन ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को तेज कर दिया है, और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर बहस छिड़ गई है।
