छिंदवाड़ा जिला अस्पताल में वार्मर मशीन में आग: एक नवजात की मौत, दो झुलसे
छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के NICU में रविवार रात वार्मर मशीन में आग लगने से एक नवजात की मृत्यु हो गई और दो अन्य झुलस गए। घायलों को जबलपुर रेफर किया गया है।

द क्लिफ न्यूज़ | छिंदवाड़ा | 23 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में रविवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना में वार्मर मशीन में आग लगने से एक नवजात शिशु की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में दो अन्य नवजात भी झुलस गए, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया है। घटना के तत्काल बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया।
सूत्रों के अनुसार, यह गंभीर घटना रविवार रात लगभग 2 बजे उस वक्त हुई जब NICU में नवजातों को गर्म रखने के लिए उपयोग की जा रही वार्मर मशीन के फिलामेंट से अचानक चिंगारी निकलने लगी। चिंगारी ने जल्द ही मशीन को अपनी चपेट में ले लिया और आग तेजी से फैल गई। NICU में मौजूद कर्मचारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अग्निशमन उपकरणों की सहायता से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया और साथ ही नवजातों को सुरक्षित बाहर निकालने की मशक्कत शुरू की।
हादसे का विवरण और प्रभावित नवजात
इस भयावह दुर्घटना में कुल तीन नवजात प्रभावित हुए। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, सभी को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया। हालांकि, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दो नवजातों को विशेष चिकित्सा देखभाल के लिए जबलपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रभावित नवजातों में से एक की हालत अत्यंत गंभीर थी और उसे सर्जरी की तत्काल आवश्यकता थी। छिंदवाड़ा में पीडियाट्रिक सर्जन की अनुपलब्धता के कारण उसे जबलपुर भेजा गया था, लेकिन दुर्भाग्यवश, इलाज के दौरान उसकी जान चली गई।
जिला अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ. कंचन दुबे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रभावित नवजातों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की गई और उनकी स्थिति के अनुसार उन्हें जबलपुर रेफर किया गया। उन्होंने आगे कहा कि अस्पताल प्रशासन ने इस गंभीर मामले की स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है ताकि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
जन्म की खुशी मातम में बदली
यह हृदय विदारक घटना उस समय हुई जब परिवार के लिए खुशियों का माहौल था। प्रभावित नवजातों में से एक का जन्म घटना से कुछ ही घंटे पहले हुआ था। बच्चे के माता-पिता, शिवानी वर्मा और आदित्य वर्मा, नवजात के जन्म की खुशी का अनुभव कर ही रहे थे कि इस अनहोनी ने उन्हें गहरे सदमे में डाल दिया। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
आग के कारणों की गहन जांच शुरू
इस हादसे के बाद, अस्पताल प्रशासन ने वार्मर मशीन में आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए अपनी जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक तौर पर, फिलामेंट से निकली चिंगारी को आग का कारण बताया जा रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट है कि आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही घटना के सटीक कारणों का पता चल पाएगा। इस जांच के दायरे में अस्पताल में स्थापित अग्निशमन उपकरणों की कार्यक्षमता और समग्र सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी गहन समीक्षा की जाएगी।
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना, फायर सेफ्टी ऑडिट की मांग
घटना ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता, उमंग सिंघार, ने इस हादसे पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। सिंघार ने प्रदेश के सभी अस्पतालों में तत्काल फायर सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से अस्पतालों, विशेषकर नवजातों की देखभाल करने वाली संवेदनशील इकाइयों में, मरीजों और नवजातों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है।
इस अत्यंत दुखद घटना ने छिंदवाड़ा जिला अस्पताल की NICU जैसी महत्वपूर्ण और संवेदनशील इकाई में अग्नि सुरक्षा मानकों और चिकित्सा उपकरणों के नियमित रख-रखाव तथा जांच की आवश्यकता को उजागर किया है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि वार्मर मशीन में आग लगने का तकनीकी कारण क्या था और इस दुखद हादसे को रोकने के लिए मौजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं में कहां गंभीर चूक हुई।
