छतरपुर पुलिस ने म्यूल बैंक खातों और 28 लाख की ठगी के अंतरराज्यीय नेटवर्क का किया भंडाफोड़
मध्य प्रदेश के छतरपुर में पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। म्यूल बैंक खातों से जुड़े 35 करोड़ रुपये के ठगी के तार कई राज्यों से जुड़े हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 24 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश पुलिस साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में, छतरपुर पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा किया है। इन कार्रवाइयों में म्यूल बैंक खातों के माध्यम से लगभग 35 करोड़ रुपये के साइबर धोखाधड़ी से जुड़े तार सामने आए हैं, जबकि एक अन्य मामले में 28 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी का पर्दाफाश हुआ है।
पुलिस मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, छतरपुर पुलिस ने दो अलग-अलग साइबर अपराध प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को दबोचा है। इनमें से तीन आरोपी म्यूल बैंक खातों का नेटवर्क चलाने और कियोस्क संचालक के रूप में शामिल पाए गए। इनके पास से 20 बैंक पासबुक, 23 एटीएम कार्ड और 104 सिम कार्ड बरामद हुए हैं। वहीं, एक अन्य मामले में 28 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से 38 हजार रुपये नकद और 1.50 लाख रुपये की राशि फ्रीज की गई है।
म्यूल बैंक खातों के अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा
थाना कोतवाली पुलिस को राजनगर रोड फोरलेन ओवरब्रिज के पास म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने संबंधी सूचना प्राप्त हुई थी। मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। तलाशी लेने पर उसके पास से विभिन्न बैंकों की 20 पासबुक, 23 एटीएम कार्ड, 104 सिम कार्ड और 2 मोबाइल फोन बरामद हुए, जिन्हें विधिवत जब्त कर लिया गया।
प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि यह बरामद सामग्री बिहार, दिल्ली, राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल और पंजाब सहित विभिन्न राज्यों में दर्ज लगभग 35 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी से संबंधित प्रकरणों से जुड़ी हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा लोगों को प्रलोभन देकर उनके बैंक खाते एकत्र किए जाते थे और इन म्यूल बैंक खातों में फर्जी सिम उपलब्ध कराकर साइबर ठगी की राशि का ट्रांजैक्शन कराया जाता था। तमिलनाडु में एक महिला के साथ लगभग 37.80 लाख रुपये की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के प्रकरण में भी इन खातों का लिंक पाया गया है, जहां ठगी की राशि का एक हिस्सा इन खातों में ट्रांजैक्शन हुआ था। इस मामले में पुलिस ने म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले आरोपी, कियोस्क संचालक सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
28 लाख की ऑनलाइन साइबर ठगी में चार गिरफ्तार
एक अन्य गंभीर मामले में, थाना खजुराहो में एक आवेदक ने टेलीग्राम ऐप पर रेटिंग बढ़ाने के नाम पर पैसे दोगुना करने का लालच देकर 28 लाख रुपये की ऑनलाइन साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की और तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों, अपराध में प्रयुक्त संचार माध्यमों तथा ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का विस्तृत विश्लेषण किया।
जांच के दौरान, गोटेगांव, जिला नरसिंहपुर के एक गिरोह के इस साइबर ठगी में शामिल होने की जानकारी सामने आई। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एटीएम कार्ड, बैंक खाते खोलने में प्रयुक्त 2 मोबाइल फोन और 38 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। साथ ही, संबंधित बैंक खातों में 1.50 लाख रुपये की राशि फ्रीज कराई गई है। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी इंस्टाग्राम पर विज्ञापनों के माध्यम से बैंक खाते किराए पर लेते थे। इन खातों में साइबर ठगी से प्राप्त राशि डलवाकर उसे तत्काल अन्य खातों में ट्रांसफर कर निकाल लिया जाता था, और फिर ठगी की राशि को क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित कर दिया जाता था।
आरोपियों द्वारा उपयोग किए जा रहे तकनीकी साधनों और बैंक खातों के विश्लेषण में अब तक लगभग 80 लाख रुपये के संदिग्ध साइबर लेन-देन का पता चला है। इन लेन-देन से संबंधित उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु, दिल्ली, बिहार और झारखंड सहित विभिन्न राज्यों में लगभग 50 साइबर शिकायतें दर्ज पाई गई हैं। जांच में आरोपियों के नेटवर्क के पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और महाराष्ट्र से भी जुड़े होने की जानकारी मिली है।
छतरपुर पुलिस दोनों प्रकरणों में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर साइबर ठगी से जुड़े अन्य व्यक्तियों, म्यूल बैंक खातों, फर्जी सिम कार्ड, संदिग्ध बैंक लेन-देन और अंतरराज्यीय नेटवर्क के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटा रही है। साइबर अपराध से प्राप्त राशि के प्रवाह और उससे जुड़े अन्य खातों की भी गहन तकनीकी जांच की जा रही है।
नागरिकों से अपील और जागरूकता
मध्य प्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को प्रलोभन में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, बैंकिंग संबंधी जानकारी अथवा अन्य वित्तीय साधन उपलब्ध न कराएं। ऐसे खातों का उपयोग साइबर अपराधों में होने पर संबंधित व्यक्ति भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि साइबर अपराध होने पर तत्काल 1930 पर सूचना दें अथवा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
