छतरपुर में स्वच्छता कर्मियों का प्रशिक्षण, नमस्ते योजना के लाभों पर जोर
छतरपुर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट द्वारा आयोजित कार्यशाला में स्वच्छता कर्मियों को आधुनिक सफाई किट व नमस्ते योजना के लाभों की...

chhatarpur.m.p. | संवाददाता: राकेश पाठक
द क्लिफ न्यूज़ | छतरपुर | 17 अक्टूबर 2026
छतरपुर में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देशानुसार ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम के तहत आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में संभाग के स्वच्छता कर्मचारियों और डी-स्लेज ऑपरेटर्स को आधुनिक सफाई विधियों और 'नमस्ते योजना' के तहत मिलने वाले लाभों के बारे में प्रशिक्षित किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भोपाल और सागर में संचालित हो रहे ऐसे ही कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा है।
कार्यक्रम का उद्घाटन ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट के क्षेत्रीय संचालक के.आर. शर्मा ने किया। उन्होंने संस्थान के सौ वर्षों के इतिहास पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे विभिन्न डिप्लोमा पाठ्यक्रम युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं।
सुरक्षा उपकरणों और आधुनिक तकनीकों का महत्व
दिल्ली से आईं विशेषज्ञ डॉ. केतना मटकर ने टीकमगढ़, पन्ना और छतरपुर के सफाई कर्मियों को संबोधित करते हुए जल संरक्षण के लिए गंदे पानी के उपचार और पुनर्चक्रण की तकनीकों पर जानकारी दी। उन्होंने सीवेज और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर विशेष बल दिया। डॉ. मटकर ने स्पष्ट किया कि गैस डिटेक्टर और आधुनिक सुरक्षा किट का उपयोग जीवन की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
'नमस्ते योजना' के तहत आर्थिक व स्वास्थ्य सुरक्षा
विभाग के प्रशिक्षक डी.डी. तिवारी ने 'नमस्ते योजना' के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य सफाई मित्रों और उनके परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके तहत स्वसहायता समूहों को पचास लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता, व्यक्तिगत स्तर पर पांच से पंद्रह लाख रुपये तक का ऋण और पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाएगा।
तिवारी ने यह भी स्पष्ट किया कि वैक्यूम क्लीनर या सेक्शन मशीन जैसी आधुनिक मशीनें खरीदने के इच्छुक कर्मियों को जिला स्तरीय रिस्पॉन्सिबल सेनिटेशन अथॉरिटी से लाइसेंस प्राप्त करना होगा, जिसके अध्यक्ष जिले के कलेक्टर होंगे। जहरीली गैसों से होने वाली मौतों को रोकने के लिए प्रत्येक नगरीय निकाय में 'इमरजेंसी सेनिटेशन रिस्पॉन्सिबल यूनिट' का गठन भी किया गया है। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में विभिन्न निकायों के लगभग पैंसठ कर्मचारियों ने भाग लिया और सुरक्षा प्रोटोकॉल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
