छतरपुर में 'सफाई अपनाओ–बीमारी भगाओ' अभियान के तहत निबंध प्रतियोगिता
छतरपुर में 'सफाई अपनाओ–बीमारी भगाओ' अभियान के तहत सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में एक निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने स्वच्छता के महत्व पर अपने विचार रखे।

द क्लिफ न्यूज़ | छतरपुर | 23 जुलाई 2026
छतरपुर शहर में 'सफाई अपनाओ–बीमारी भगाओ' अभियान के तहत गुरुवार को सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में विद्यार्थियों के लिए एक निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। नगरपालिका अध्यक्ष ज्योति चौरसिया और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) माधुरी शर्मा के निर्देशन में, तथा स्वच्छता नोडल अधिकारी नीतेश चौरसिया के मार्गदर्शन में, आईईसी टीम ने इस कार्यक्रम का संचालन किया।
प्रतियोगिता में स्कूली विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और 'स्वच्छता, स्वास्थ्य और साफ-सुथरे वातावरण का महत्व' जैसे विषयों पर अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए। छात्रों ने निबंधों के माध्यम से व्यक्तिगत और सामुदायिक स्वच्छता के महत्व को रेखांकित किया, जिससे बीमारी के प्रसार को रोका जा सके। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
स्वच्छता को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संदेश
कार्यक्रम के दौरान, विद्यार्थियों को स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का एक अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें समझाया गया कि किस प्रकार अपने घरों, विद्यालयों और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखना न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, बल्कि पूरे समुदाय के कल्याण में भी योगदान देता है। आईईसी टीम ने छात्रों से आग्रह किया कि वे कचरे को इधर-उधर न फैलाएं और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाएं।
यह अभियान शहर में सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता के मानकों को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से युवा पीढ़ी को इन महत्वपूर्ण मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनाने का प्रयास किया गया, ताकि वे भविष्य में जिम्मेदार नागरिक के रूप में स्वच्छता को प्राथमिकता दें।
इस प्रतियोगिता का आयोजन 'सफाई अपनाओ–बीमारी भगाओ' जैसे व्यापक अभियान का एक हिस्सा है, जिसका लक्ष्य न केवल शहर को स्वच्छ बनाना है, बल्कि नागरिकों में स्वच्छता के प्रति स्थायी आदतें विकसित करना भी है। आईईसी (सूचना, शिक्षा और संचार) टीम ने छात्रों को यह भी बताया कि कैसे व्यक्तिगत स्वच्छता, जैसे नियमित रूप से हाथ धोना, संक्रामक बीमारियों को फैलने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने घरों में कूड़ेदान के उपयोग और गीले व सूखे कचरे के उचित निपटान के तरीकों पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का समापन उत्कृष्ट निबंध लिखने वाले छात्रों को पुरस्कृत करके किया गया। यह प्रोत्साहन भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी को और बढ़ाएगा। नगरपालिका अधिकारीयों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियाँ बच्चों में छोटी उम्र से ही स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करती हैं। उम्मीद है कि ये बच्चे अपने घरों और समुदायों में स्वच्छता के राजदूत के रूप में कार्य करेंगे, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा।
