छतरपुर में अमृत हरित अभियान: वार्ड 36 में 515 पौधे लगाए गए
छतरपुर: नगर पालिका परिषद ने अमृत हरित अभियान के तहत वार्ड 36 में 515 पौधे रोपे। अध्यक्ष ज्योति चौरसिया ने किया शुभारंभ।

द क्लिफ न्यूज़ | छतरपुर | 25 जुलाई 2026
छतरपुर शहर को हरा-भरा बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, राज्य शासन के 'अमृत हरित अभियान' के तहत नगर पालिका परिषद, छतरपुर ने वार्ड क्रमांक 36 में 515 पौधों का रोपण किया है। संजीवनी क्लीनिक के निकट आयोजित इस वृक्षारोपण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शहर के हरित क्षेत्र का विस्तार करना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और नागरिकों को अधिकाधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण के लिए प्रेरित करना है।
इस अभियान की शुरुआत नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती ज्योति सुरेन्द्र चौरसिया ने स्वयं पौधा लगाकर की। उनके साथ इस महत्वपूर्ण कार्य में कार्यपालन यंत्री श्री देवेंद्र धाकड़, उपयंत्री श्री अंकित अर्जरिया, उपयंत्री श्री गोकुल प्रजापति, वार्ड पार्षद और नगर पालिका के कर्मचारी भी शामिल हुए। इस संयुक्त प्रयास ने अभियान को नई गति प्रदान की।
पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी
कार्यक्रम के दौरान, विभिन्न प्रजातियों के कुल 515 पौधे लगाए गए, जो भविष्य में शहर की हरियाली को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। इस अवसर पर स्थानीय बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक पौधारोपण में भाग लिया। बच्चों की इस सक्रिय सहभागिता ने न केवल पर्यावरण संरक्षण का एक सशक्त संदेश दिया, बल्कि उन्होंने लगाए गए पौधों की देखभाल का संकल्प भी लिया। बच्चों की ऊर्जा और पर्यावरण के प्रति उनका समर्पण इस अभियान को और भी प्रेरणादायक बना गया।
निरंतर प्रयास और भविष्य की योजनाएं
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि वृक्षारोपण केवल पौधे लगाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उनके संरक्षण और नियमित देखभाल को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि नगर पालिका परिषद 'अमृत हरित अभियान' के तहत शहर के विभिन्न वार्डों और सार्वजनिक स्थलों पर इसी तरह के व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित कर रही है, ताकि छतरपुर को एक अधिक हरा-भरा, स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाया जा सके।
कार्यक्रम के अंत में, सभी नागरिकों से अपील की गई कि वे अधिक से अधिक पौधे लगाएं और उनके संरक्षण का संकल्प लें, ताकि 'एक पेड़ माँ के नाम – हरियाली बढ़ाएँ, पर्यावरण बचाएँ' जैसे नारों को साकार किया जा सके।
