चरखारी ब्लॉक के तीन गांवों में 'मेरा युवा भारत' ने गठित किए युवा मंडल
महोबा में 'मेरा युवा भारत' के तत्वावधान में चरखारी ब्लॉक के शिवहार, बम्हौरी कला और काकून गांवों में युवा मंडलों का गठन किया गया। इसका उद्देश्य युवाओं को सामाजिक व रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है।

द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 22 अगस्त 2026
महोबा जिले के चरखारी ब्लॉक के तीन गांवों में 'मेरा युवा भारत' (एम.वाई.बी.) के तत्वावधान में युवाओं को संगठित कर उन्हें सामाजिक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से युवा मंडलों का गठन किया गया है। इस अभियान के तहत 15, 16 और 17 अगस्त को शिवहार, बम्हौरी कला और काकून गांवों में सफलतापूर्वक युवा मंडल स्थापित किए गए।
एम.वाई.बी. के प्रतिनिधियों द्वारा गांवों में युवाओं से सीधे संवाद स्थापित कर इन युवा मंडलों के गठन की प्रक्रिया को संपन्न कराया गया। इस दौरान, युवाओं को विभिन्न सामाजिक कार्यों, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण, खेलकूद, जनजागरूकता अभियानों और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। यह पहल ग्रामीण युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी।
युवाओं को एक मंच पर लाने का प्रयास
'मेरा युवा भारत' के प्रतिनिधि शिवेंद्र ने बताया कि इन युवा मंडलों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को एक साझा मंच पर लाकर उनकी प्रतिभा और ऊर्जा को एक सकारात्मक दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में इन युवा मंडलों के तत्वावधान में विभिन्न प्रकार की जागरूकता फैलाने वाली और सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
इन युवा मंडलों का गठन युवाओं के बीच नेतृत्व क्षमता विकसित करने, उन्हें सामुदायिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करने और उनके समग्र विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एम.वाई.बी. का यह प्रयास विशेष रूप से उन ग्रामीण युवाओं पर केंद्रित है जो अक्सर शहरी क्षेत्रों की तुलना में अवसरों से वंचित रह जाते हैं। इन मंडलों के गठन से स्थानीय समस्याओं के समाधान में भी युवाओं की सहभागिता बढ़ेगी, जिससे जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव संभव हो सकेगा।
शिवेंद्र ने इस बात पर भी जोर दिया कि ये युवा मंडल केवल सामाजिक गतिविधियों तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि ये युवाओं को अपनी छिपी हुई प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें सही मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए एक प्लेटफार्म भी उपलब्ध कराएंगे। जैसे कि कला, साहित्य, खेल या अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में रुचि रखने वाले युवाओं को मंच मिलेगा। इससे न केवल उनके व्यक्तिगत विकास को गति मिलेगी, बल्कि वे अपने समुदायों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन सकेंगे।
आगामी महीनों में, इन युवा मंडलों द्वारा ग्राम स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं, कार्यशालाओं और जागरूकता अभियानों का आयोजन किया जाएगा। इनमें पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया जाएगा, जिसमें वृक्षारोपण और जल संरक्षण जैसे कार्यक्रम शामिल हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त, स्वच्छता अभियानों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि गांवों में साफ-सफाई की स्थिति में सुधार लाया जा सके। खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन युवाओं को शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने और टीम भावना विकसित करने में मदद करेगा।
जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से, युवाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के महत्व के बारे में भी सूचित किया जाएगा। राष्ट्र निर्माण के संदर्भ में, इन मंडलों के सदस्य अपने गांवों के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगे, जैसे कि स्थानीय मुद्दों की पहचान करना और उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करना। कुल मिलाकर, 'मेरा युवा भारत' की यह पहल ग्रामीण युवाओं को सशक्त, संगठित और राष्ट्र के विकास में एक महत्वपूर्ण भागीदार बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।
