चांचौड़ा में ही हो सिविल अस्पताल का निर्माण: स्थानीय लोगों का कड़ा विरोध
गुना जिले के चांचौड़ा में प्रस्तावित 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल को नगर से दूर ले जाने के खिलाफ स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 13 अक्टूबर 2026
गुना जिले के चांचौड़ा ब्लॉक में प्रस्तावित पचास बिस्तरीय सिविल अस्पताल को नगर से लगभग आठ किलोमीटर दूर स्थानांतरित करने की सुगबुगाहट ने स्थानीय नागरिकों, किसानों और व्यापारियों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि अस्पताल का निर्माण वर्तमान स्थान पर ही किया जाए और इसके लिए मुख्यमंत्री के नाम एक जनहित ज्ञापन सौंपा जाएगा।
स्थानीय लोगों का तर्क है कि अस्पताल को नगर से दूर सुनसान इलाके में ले जाने से चाचौड़ा-बीनागंज सहित आसपास की एक सौ छह ग्राम पंचायतों के मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों के लिए रात के समय आवागमन एक गंभीर समस्या बन जाएगा। निवासियों ने सुझाव दिया है कि वर्तमान अस्पताल परिसर में पांच बीघा शासकीय भूमि उपलब्ध है, जिसका उपयोग करके यहीं एक बहुमंजिला भवन का निर्माण किया जा सकता है। वर्तमान अस्पताल भवन पचास वर्ष पुराना है और इसे हटाकर आधुनिक सुविधाओं से लैस अस्पताल बनाया जा सकता है, जिससे ग्रामीण अंचल के लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करने और आर्थिक बोझ से मुक्ति मिलेगी।
यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नए अस्पताल का निर्माण चांचौड़ा नगर के करीब ही हो, ताकि दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएँ सुलभ हो सकें। क्षेत्र की जनता की मानें तो सुनसान इलाके में अस्पताल का निर्माण मरीजों के लिए सुविधाओं को कम कर देगा, न कि बढ़ाएगा। वर्तमान में भी, स्थानीय लोग अस्पताल को नगर के केंद्र में ही देखना चाहते हैं।
ब्लड बैंक और बीएमओ की नियमित उपस्थिति की मांग
स्थानीय नागरिकों ने ज्ञापन में ब्लड बैंक की स्थापना को भी एक प्रमुख मुद्दा बनाया है। प्रसूति और अन्य आपातकालीन स्थितियों में रक्त की कमी के कारण होने वाली मौतों को रोकने के लिए स्थानीय नागरिक ब्लड स्टोरेज सेंटर की तत्काल आवश्यकता बता रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि रक्त की उपलब्धता जीवन रक्षक साबित हो सकती है, खासकर ऐसे क्षेत्र में जहां आपातकालीन सेवाएं तुरंत उपलब्ध होना आवश्यक है।
इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर और सुचारू संचालन के लिए खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) को सप्ताह में कम से कम तीन दिन अनिवार्य रूप से चांचौड़ा अस्पताल में उपस्थित रहने के निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है। नागरिकों का मानना है कि प्रशासनिक नियंत्रण को मजबूत करने और स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए यह कदम अत्यंत आवश्यक है। बीएमओ की नियमित उपस्थिति से मरीजों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सकेगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि धरातल पर भी प्रभावी रूप से काम करें।
