चंबा में बारिश का क़हर: चट्टान गिरने से 13 की मौत, जनजीवन अस्त-व्यस्त
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में मूसलाधार बारिश से भारी तबाही मची है। उदयपुर-किलाड़ मार्ग पर चट्टान गिरने से 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई सड़कें बंद होने से आवागमन बाधित है।

द क्लिफ न्यूज़ | चंबा | 25 जुलाई 2026
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, जिससे भारी तबाही मची है। जुलाई 2026 के इस महीने में जिले के विभिन्न इलाकों में हुए भीषण भूस्खलनों ने विकराल रूप धारण कर लिया है। सबसे हृदयविदारक घटना उदयपुर-किलाड़ मार्ग पर हुई, जहाँ एक चलती गाड़ी पर पहाड़ी से विशाल चट्टानें गिरने से छह माह की एक मासूम बच्ची सहित 13 लोगों की दुखद मृत्यु हो गई। इस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन पांगी घाटी की ओर जा रहा था, तभी अचानक एक विशाल भूभाग भरभराकर सड़क पर आ गिरा। भारी चट्टानों की चपेट में आने से वाहन पूरी तरह कुचल गया और उसमें सवार किसी भी व्यक्ति को संभलने या बचने का मौका तक नहीं मिला। मृतकों में पांगी घाटी के कई निवासी शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे। बचाव कार्य तेजी से चलाया गया, जिसमें मलबा हटाकर शवों को बाहर निकाला गया।
बारिश से ठप हुआ यातायात, कई मार्ग बंद
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जिले के कई महत्वपूर्ण मार्ग भी अवरुद्ध हो गए हैं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। भटियात क्षेत्र के पनियाला के पास हुए भारी भूस्खलन के कारण सड़क पर विशाल मात्रा में मलबा और चट्टानें जमा हो गई हैं, जिससे आवागमन बाधित हो गया है। इसी तरह, भरमौर क्षेत्र के खड़मुख के समीप लाहडू-सिहुंता मार्ग भी भूस्खलन की वजह से बंद हो गया है। इन सड़क बंदिशों के कारण कई गाँव जिला मुख्यालय से कट गए हैं। इसके परिणामस्वरूप, स्थानीय लोगों को आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन और बचाव दल की मशक्कत जारी
जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लोक निर्माण विभाग, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमों को सड़कों को जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश दिए हैं। सड़कों से मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीनों की सहायता से युद्धस्तर पर कार्य जारी है। हालांकि, लगातार हो रही बारिश राहत और बचाव कार्यों में बाधा उत्पन्न कर रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम के सामान्य होने के बाद ही इन मार्गों को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया जा सकेगा।
मौसम विभाग का रेड अलर्ट, जनसुरक्षा के निर्देश
इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चंबा सहित हिमाचल प्रदेश के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने अगले कुछ दिनों तक अत्यधिक भारी वर्षा, भूस्खलन, चट्टानों के गिरने और अचानक बाढ़ जैसी गंभीर घटनाओं की आशंका जताई है। मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और विशेष रूप से पहाड़ी मार्गों पर अत्यंत सावधानी बरतने की सलाह दी है।
जिला प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और स्थानीय निवासियों व पर्यटकों से प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में तैनात हैं और बंद मार्गों को खोलने के प्रयास जारी हैं।
हिमालयी क्षेत्रों में भूस्खलन का गंभीर खतरा
चंबा में हुई यह त्रासदी एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में मानसून के दौरान भूस्खलन के बढ़ते खतरे की भयावहता को उजागर करती है। भूवैज्ञानिकों और विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक और लगातार वर्षा के कारण पहाड़ों की मिट्टी कमजोर हो जाती है, जिससे बड़े पैमाने पर भूस्खलन की घटनाएं घटित होती हैं। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से आग्रह किया है कि जब तक मौसम पूरी तरह सामान्य न हो जाए, तब तक जोखिम भरे मार्गों पर यात्रा करने से बचें, ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।
