चमोली सुरंग हादसा: 7 की मौत, 2 मजदूर अब भी लापता
चमोली के पीपलकोटी में निर्माणाधीन सुरंग में गुरुवार शाम मलबा और पानी भरने से बड़ा हादसा हुआ। 22 मजदूरों में से 20 को निकाला गया, 7 की मौत और 13 घायल हैं। दो अभी भी लापता हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | चमोली | 14 अगस्त 2026
उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में गुरुवार शाम एक निर्माणाधीन सुरंग में भीषण हादसा हो गया, जिसमें कम से कम सात मजदूरों की जान चली गई और दो अन्य अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। यह घटना पीपलकोटी के समीप एक सुरंग में शाम करीब 7:05 बजे हुई, जब अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी सुरंग के अंदर घुस गया।
हादसे के समय सुरंग के अंदर कुल 22 मजदूर काम कर रहे थे। मलबे और पानी के अचानक भर जाने से अफरा-तफरी मच गई और तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। तत्काल जिला प्रशासन, पुलिस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमें मौके पर पहुंच गईं। इन टीमों ने तुरंत युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
राहत एवं बचाव अभियान जारी
अब तक कुल 20 मजदूरों को सुरंग से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। इनमें से सात की दुर्भाग्यवश मौत हो गई, जबकि 13 अन्य घायल हैं। घायलों को तत्काल पीपलकोटी के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। बचाव दल अभी भी सुरंग के अंदर फंसे दो लापता मजदूरों की तलाश में जुटा हुआ है। सुरंग में लगातार मलबा और पानी का बहाव बना हुआ है, जो बचाव कार्यों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।
परियोजना और एजेंसियां
यह हादसा टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (टीएचडीसी) की एक निर्माणाधीन परियोजना स्थल पर हुआ। सुरंग निर्माण का कार्य हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा किया जा रहा है। इस गंभीर बचाव अभियान में टीएचडीसी के साथ-साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं। इसके अतिरिक्त, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और भारतीय सेना की टुकड़ियां भी राहत एवं बचाव कार्यों में सहायता प्रदान कर रही हैं। रुद्रप्रयाग से एनडीआरएफ की एक अतिरिक्त टीम को भी बचाव अभियान में शामिल करने के लिए पीपलकोटी भेजा गया है।
मुख्यमंत्री ने जताई चिंता, दिए निर्देश
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को तत्काल और प्रभावी राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता सुरंग में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहकर अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
