‘चलो संसद’ प्रदर्शन हिंसक: RAF पर हमला, 9 FIR दर्ज, 250 वीडियो खंगाले
दिल्ली के कनॉट प्लेस में 20 जुलाई 2026 को 'चलो संसद' प्रदर्शन हिंसक हो गया। उग्र भीड़ ने RAF जवानों व पुलिस पर पथराव किया, जिससे कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए। पुलिस ने 9 से अधिक FIR दर्ज की हैं और उपद्रवियों की पहचान के लिए 250 से अधिक वीडियो फुटेज खंगाल रही है।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 22 जुलाई 2026
राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस में 20 जुलाई 2026 को आयोजित 'चलो संसद' प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक झड़प के मामले में दिल्ली पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इस प्रदर्शन के दौरान उग्र हुई भीड़ ने रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों और दिल्ली पुलिस पर पथराव किया, जिसके परिणामस्वरूप कई सुरक्षाकर्मी घायल हो गए और पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुँचा।
पुलिस ने इस घटना के संबंध में कनॉट प्लेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट थानों में 9 से अधिक प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की हैं। इन एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से संरक्षण अधिनियम (PDPP Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
सुरक्षाबलों पर हमले और क्षति का मामला
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, इस हिंसक घटना में 118 से अधिक पुलिसकर्मी और सुरक्षा बल के जवान घायल हुए हैं। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया और सुरक्षाबलों पर पथराव शुरू कर दिया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात करना पड़ा।
उपद्रवियों की पहचान के लिए गहन जांच
दिल्ली पुलिस उपद्रवियों की पहचान के लिए व्यापक जांच अभियान चला रही है। घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन फुटेज के साथ-साथ मीडिया और सोशल मीडिया से प्राप्त 250 से अधिक वीडियो रिकॉर्डिंग की गहनता से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इन वीडियो के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जाएगी और उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।
संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी
घटना के बाद कनॉट प्लेस, संसद मार्ग और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और कानून व्यवस्था बनी रहे।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, लेकिन हिंसा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और सुरक्षाबलों पर हमला पूर्णतः गैरकानूनी है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी आरोपियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
