चाचौड़ा पुलिस ने चोरी की दो वारदातों का पर्दाफाश किया, दो गिरफ्तार
चाचौड़ा पुलिस ने चोरी की दो घटनाओं को सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से सोने-चांदी के जेवर बरामद किए...

चाचौड़ा बीनागंज | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | चाचौड़ा | 25 सितंबर 2026
गुना पुलिस अधीक्षक हितिका वासल के निर्देश पर संपत्ति संबंधी अपराधों पर लगाम लगाने के प्रयास में चाचौड़ा पुलिस ने चोरी की दो अलग-अलग घटनाओं का खुलासा करते हुए दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है।
यह घटनाक्रम संपत्ति अपराधों पर नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आम नागरिकों के विश्वास को मजबूत करता है। पुलिस अधीक्षक के स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में, चाचौड़ा थाना प्रभारी दिलीप राजोरिया और बीनागंज चौकी प्रभारी नीरज लोधी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। इस टीम का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाना और अपराधियों को पकड़ना था।
जानकारी के अनुसार, 2 सितंबर 2026 को अजगरी निवासी मंजूबाई रजक ने अपने घर से नकदी और गहने चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में चिंता बढ़ा दी थी। इससे पहले, 27 अगस्त 2026 को बीनागंज के संतोष मीना ने भी चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दोनों ही मामलों में शिकायतकर्ताओं को हुई क्षति को देखते हुए, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गहन जांच शुरू की।
संदिग्धों को बीनागंज बस स्टैंड से दबोचा गया
बीते 24 सितंबर को, चाचौड़ा पुलिस की एक टीम बीनागंज बस स्टैंड क्षेत्र में गश्त पर थी। इसी दौरान, पुलिस ने तीन व्यक्तियों को संदिग्ध परिस्थितियों में घूमते हुए देखा। पुलिस टीम को देखते ही तीनों व्यक्ति भागने का प्रयास करने लगे। सतर्क पुलिसकर्मियों ने तुरंत घेराबंदी की और तीन में से दो संदिग्धों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की। हालांकि, एक आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस द्वारा पकड़े गए दो संदिग्धों से पूछताछ शुरू की गई, जिसमें महत्वपूर्ण खुलासे हुए।
चोरी के गहने बरामद, आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड
पकड़े गए आरोपियों की पहचान ब्यावरा निवासी उदय उर्फ बुशी और कान्हाखेड़ी निवासी सरवन मीना के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान, दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ही थे जिन्होंने मंजूबाई रजक और संतोष मीना के घरों से चोरी की थी। उन्होंने चोरी की दोनों वारदातों में अपनी संलिप्तता को कबूल कर लिया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर चोरी किए गए माल को बरामद करने के लिए तलाशी अभियान चलाया। इस तलाशी के दौरान, पुलिस को एक सोने का पेंडल और एक चांदी की पायल बरामद हुई, जो चोरी के मामले से संबंधित हैं।
यह भी पता चला है कि ये आरोपी आदतन अपराधी हैं। जांच में यह सामने आया है कि आरोपी सरवन मीना के खिलाफ पूर्व में 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें चोरी और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं। वहीं, आरोपी उदय सेन के खिलाफ भी तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपियों के इस आपराधिक इतिहास से यह स्पष्ट होता है कि वे क्षेत्र में चोरी की वारदातों को अंजाम देने में माहिर थे। पुलिस वर्तमान में फरार तीसरे आरोपी की पहचान करने में जुटी हुई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। उम्मीद है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा, जिससे क्षेत्र में और भी आपराधिक घटनाओं का खुलासा हो सकेगा।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी दिलीप राजोरिया और बीनागंज चौकी प्रभारी नीरज लोधी के नेतृत्व वाली टीम के सदस्यों ने अथक प्रयास और तत्परता दिखाई। उनकी सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के कारण ही इन चोरियों का खुलासा संभव हो पाया। पुलिस की इस सफलता से स्थानीय निवासियों में सुरक्षा की भावना बढ़ी है और उन्होंने पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया है।
