चाचौड़ा में पोषण माह: बाल विकास को लेकर सरपंच-सचिवों का उन्मुखीकरण
गुना के चाचौड़ा में 40 पंचायतों के सरपंच-सचिवों के लिए बाल पोषण और विकास पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें पोषण माह की...

गुना / चाचौड़ा | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | चाचौड़ा | 9 सितंबर 2026
गुना जिले के चाचौड़ा में पंचायत स्तर पर शून्य से छह वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जनपद पंचायत के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र की 40 पंचायतों के सरपंचों और सचिवों ने भाग लिया। इस पहल का नेतृत्व कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के निर्देश और जिला पंचायत सीईओ अभिषेक दुबे के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग, पिरामल फाउंडेशन और जनपद पंचायत ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम का मुख्य केंद्र बिंदु 'मेरी आंगनबाड़ी-मेरी जिम्मेदारी' थीम के तहत पोषण माह की गतिविधियों पर रहा। इसमें पंचायत मैनेजमेंट यूनिट के गठन और उसकी भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम मैनेजर स्मिता दीक्षित, सीनियर प्रोग्राम लीडर उधम सिंह लोधी और नीरज कुमार ने प्रतिभागियों को पंचायत स्तर पर प्रभावी समन्वय, समस्याओं के निराकरण की प्रक्रिया और समीक्षा बैठकों के महत्व को समझाया।
बच्चों के पोषण और विकास को मिलेगी प्राथमिकता
प्रशिक्षण सत्रों में पंचायतों में नियमित मासिक बैठकें आयोजित करने, स्थानीय समस्याओं की पहचान करने और पात्र बच्चों को विटामिन-ए की शत-प्रतिशत खुराक सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। जनप्रतिनिधियों को प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में लर्निंग कॉर्नर विकसित करने, बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग और मंगल दिवस जैसे आयोजनों के महत्व से अवगत कराया गया। पूरक पोषण आहार के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नियमित अभिभावक (पैरेंट) मीटिंग आयोजित करने के लिए भी प्रेरित किया गया।
नींव परियोजना के क्रियान्वयन में सहयोग के लिए गांधी फेलो आदित्य सैनी और मोहम्मद हाफिज खान फील्ड स्तर पर समन्वय स्थापित करेंगे। प्रशासन ने सभी सरपंचों और सचिवों से नौ सितंबर से आठ अक्टूबर तक चलने वाले पोषण माह की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की है। इस अवसर पर जनपद पंचायत चाचौड़ा के सीईओ संजीव कुमार श्रीवास्तव और परियोजना अधिकारी श्रावण कुमार नागले सहित बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि बच्चों के स्वास्थ्य संकेतकों की नियमित समीक्षा अब पंचायतों की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल होगी, ताकि जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाया जा सके और आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यक्षमता में सुधार सुनिश्चित हो सके।
