ब्यावरा सिनेमाघर में 'हनुमान अंश' का प्रदर्शन, सीताराम जयघोष से गूंजा हॉल
ब्यावरा के एमसीएम टॉकीज में बाबा नीम करोली के जीवन पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' का प्रदर्शन हुआ। सीताराम के जयघोष और हनुमान चालीसा वितरण...

नरसिंहगढ़ ब्यावरा | संवाददाता: महेंद्र शर्मा
द क्लिफ न्यूज़ | ब्यावरा | 11 सितंबर 2026
राजगढ़ जिले के ब्यावरा स्थित एमसीएम टॉकीज में बाबा नीम करोली के जीवन और उनकी भक्ति पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' का प्रदर्शन इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। फिल्म को लेकर दर्शकों में अपार उत्साह देखा जा रहा है, जिसके चलते सिनेमाघर में एक अभूतपूर्व और भक्तिमय वातावरण निर्मित हो गया है।
यह फिल्म भगवान श्रीराम और हनुमान जी के प्रति दर्शाई गई गहरी आस्था और समर्पण को केंद्र में रखती है। फिल्म के प्रदर्शन के दौरान सिनेमा हॉल का दृश्य किसी मंदिर से कम नहीं था। जब फिल्म का अंतिम भाग प्रदर्शित हो रहा था, तो दर्शकों के बीच से 'सीताराम-सीताराम' के जयघोष गूंजने लगे। सीताराम भजनों की धुन पर दर्शक अपनी सीटों से खड़े होकर भक्ति में लीन हो गए, जो सामूहिक आस्था का एक अविस्मरणीय क्षण था।
आध्यात्मिक आयोजन और सेवा कार्य
इस आध्यात्मिक आयोजन को सफल बनाने में शकुंतलम शिवा देवा शर्मा प्रतिष्ठान, शकुंतलम गारमेंट्स ब्यावरा और मित्र मंडल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजकों द्वारा दर्शकों को हनुमान चालीसा की पुस्तकें वितरित की गईं और लड्डू प्रसादी का भी वितरण किया गया। इस सेवा कार्य में आकाश मेवाड़े, विशाल और मित्र मंडल के अन्य सदस्यों ने सक्रिय रूप से सहयोग किया, जिससे सनातन परंपराओं का सम्मान और प्रचार हुआ।
तकनीकी और सांस्कृतिक प्रस्तुति
फिल्म 'हनुमान अंश' की तकनीकी और रचनात्मक पहलुओं की प्रशंसा की जा रही है। इसमें संस्कृत और बुंदेली भाषा का सुंदर प्रयोग किया गया है, जो भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता है। बाबा नीम करोली की आध्यात्मिक जीवन यात्रा और उनसे जुड़े प्रसंगों को जिस तरह से दर्शाया गया है, वह दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
वर्तमान में ब्यावरा में फिल्म के सभी शो लगातार 'हाउसफुल' जा रहे हैं, जो दर्शकों के बीच इसके प्रति बढ़ते क्रेज को दर्शाता है। सिनेमा हॉल के भीतर आस्था के ये अनुपम दृश्य न केवल फिल्म की व्यावसायिक सफलता का प्रमाण हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि किस प्रकार यह फिल्म जनमानस में भक्ति की एक नई लहर पैदा करने में सफल रही है।
