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बृजेश हत्याकांड: पूर्व जिला पंचायत सदस्य सहित छह पर हत्या का मुकदमा दर्ज

फर्रुखाबाद में बृजेश कुमार की हत्या के मामले में न्यायालय के आदेश पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य व उसके भाई समेत छह नामजद और दो...

Jul 26
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बृजेश हत्याकांड: पूर्व जिला पंचायत सदस्य सहित छह पर हत्या का मुकदमा दर्ज

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 26 जुलाई 2026

फर्रुखाबाद के राजेपुर थाना क्षेत्र में बहुचर्चित बृजेश कुमार हत्याकांड में न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य व उसके भाई समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में दो अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है। यह एफआईआर ग्राम चाचूपुर-जटपुरा निवासी बालकराम पुत्र रामेश्वर द्वारा न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेते हुए दर्ज की गई है।

शिकायत के अनुसार, 8 मई 2026 को बृजेश कुमार का शराब ठेके पर काम करने वाले सेल्समैन मुकेश जायसवाल के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। आरोप है कि उसी रात लगभग 8:30 बजे रमेश राजपूत, राकेश राजपूत, बृजेश, वासुदेव, मुकेश जायसवाल और दो अज्ञात व्यक्ति बृजेश कुमार को यह कहकर अपने साथ ले गए कि शराब ठेके पर कुछ काम है और थोड़ी देर में वापस छोड़ देंगे।

हत्या की आशंका और पुलिस की निष्क्रियता के आरोप

परिजनों के अनुसार, बृजेश कुमार देर रात तक घर नहीं लौटे। अगले दिन 9 मई की सुबह उनका शव गंदा नाला पुलिया के पास मिला। शव पर सिर, सीने और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए, जिससे प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका जताई गई। शिकायतकर्ता बालकराम का आरोप है कि घटना की सूचना देने के बावजूद राजेपुर थाना पुलिस ने तत्काल हत्या का मुकदमा दर्ज करने के बजाय कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराकर उन्हें टरका दिया।

आरोप यह भी है कि घटना के बाद आरोपियों ने बृजेश कुमार के शव को शराब ठेके के पास रखकर हंगामा कराया, ताकि हत्या के गंभीर मामले से ध्यान भटकाया जा सके। इस हंगामे के दौरान पुलिस पर पथराव भी हुआ था, जिस पर पुलिस ने एक अलग से मुकदमा दर्ज किया, लेकिन हत्या के मुख्य मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

न्यायालय की शरण और मुकदमे की विवेचना

बालकराम ने अपने प्रार्थना पत्र में न्यायालय को अवगत कराया कि पुलिस के रवैये के भय से उन्हें और उनकी पत्नी को अपना घर छोड़कर पलायन करना पड़ा। उन्होंने 26 मई 2026 को पुलिस अधीक्षक को पंजीकृत डाक द्वारा भी इस संबंध में शिकायत भेजी थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली।

न्यायालय के आदेश के अनुपालन में राजेपुर थाना पुलिस ने वर्तमान में दर्ज एफआईआर में रमेश राजपूत, राकेश राजपूत, बृजेश, वासुदेव, मुकेश जायसवाल तथा चार अन्य अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाया है। राजेपुर थाना प्रभारी नागेंद्र सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुसार मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की गहन विवेचना की जा रही है।