बोटेनिकल गार्डन बनी स्कूली बच्चों की 'ओपन क्लास', प्रकृति से सीखा ज्ञान
नरसिंहगढ़ के IRE Jungle Botanical Garden में प्रज्ञा सागर पब्लिक स्कूल के छात्रों ने दुर्लभ पौधों, पक्षियों और जैव विविधता के बारे में व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया।

द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहगढ़ | 5 अगस्त 2026
शहर में विकसित हो रहा IRE Jungle Botanical Garden अब स्कूली विद्यार्थियों के लिए प्रकृति की जीवंत पाठशाला का रूप ले चुका है। इसी कड़ी में प्रज्ञा सागर पब्लिक स्कूल के छात्रों ने बोटेनिकल गार्डन का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न दुर्लभ एवं अनोखे वृक्षों, पौधों, पक्षियों और जैव विविधता के बारे में व्यवहारिक जानकारी प्राप्त की, जो उनकी कक्षा की चारदीवारी से बाहर एक अनूठा अनुभव था।
भ्रमण के दौरान बोटेनिकल गार्डन के विकासकर्ता पुनीत उपाध्याय ने विद्यार्थियों को विभिन्न देशी-विदेशी वृक्ष प्रजातियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने इन पौधों के औषधीय, पारिस्थितिक एवं वैज्ञानिक महत्व को सरल और रोचक तरीके से समझाया। उपाध्याय ने प्रकृति संरक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया और कहा कि बोटेनिकल गार्डन केवल पौधों का संग्रह मात्र नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण शिक्षा, जैव विविधता संरक्षण और भविष्य की पीढ़ी को प्रकृति से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
पक्षियों की पहचान और प्रकृति संरक्षण के गुर
कार्यक्रम के दौरान, विद्यार्थियों को फ्लैश कार्ड एवं चित्रों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के जंगली, शहरी, जलीय, घासभूमि एवं शिकारी पक्षियों की पहचान कराई गई। इस शैक्षिक सत्र को और रोचक बनाने के लिए एक प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया। प्रश्नोत्तरी में सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को "SAVE OUR EARTH" एवं "WE CAN SAVE OUR EARTH" अंकित ऑर्गेनिक मेडल से सम्मानित किया गया, जिससे उनमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति और अधिक रुचि जागृत हुई।
बच्चों को स्टार गूसबेरी के फल वितरित किए गए और उनके बीजों से पौधे तैयार करने की विधि भी सिखाई गई। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों ने IRE Jungle Nursery में बीज अंकुरण, पौध तैयार करने तथा पौधों को ग्रोइंग बैग में स्थानांतरित करने की पूरी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। यह व्यावहारिक ज्ञान उन्हें भविष्य में बागवानी और पौधरोपण के लिए प्रेरित करेगा।
पर्यावरण संरक्षण पर विशेषज्ञों की राय
विद्यालय के शिक्षक आदित्य सोलंकी ने वर्मी कम्पोस्ट, किचन गार्डन एवं जैविक खेती की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट दिए। पर्यावरण विशेषज्ञ राम गुप्ता ने ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन एवं बढ़ते प्रदूषण के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने इन गंभीर पर्यावरणीय मुद्दों के समाधान के लिए विद्यार्थियों को अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में प्रीति उपाध्याय ने विद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों का स्वागत किया, जबकि दीक्षा चौहान ने सभी अतिथियों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया। विद्यालय प्रबंधन ने इस प्रकार की गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि कक्षा की चारदीवारी से बाहर प्रकृति के बीच आयोजित यह भ्रमण विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता तथा संरक्षण की जिम्मेदारी विकसित करने का एक प्रभावी माध्यम साबित हो रहा है।
