भोपाल को ‘डस्ट-फ्री’ बनाने की बड़ी पहल: BMC ने NCAP के तहत तैयार किया विस्तृत एक्शन प्लान
राजधानी की लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर अंकुश लगाने के लिए भोपाल नगर निगम (BMC) ने नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के तहत एक व्यापक...

राजधानी की लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर अंकुश लगाने के लिए भोपाल नगर निगम (BMC) ने नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के तहत एक व्यापक और लंबी अवधि का एक्शन प्लान तैयार किया है। योजना का लक्ष्य शहर को “डस्ट-फ्री” बनाना है, जिसके लिए गड्ढों की मरम्मत से लेकर 1000 किमी से अधिक कच्चे रोड शोल्डर्स पर पैवर ब्लॉक लगाने तक कई कदम प्रस्तावित हैं। प्रस्ताव आयुक्त संकृति जैन को भेज दिया गया है, और स्वीकृति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
क्यों जरूरी हुआ एक नया एक्शन प्लान?
BMC के अनुसार शहर की लगभग 1,500 किलोमीटर सड़कें ऐसी हैं जिनके किनारे कच्चे और उबड़-खाबड़ हैं। इन हिस्सों से उठने वाली धूल ट्रैफिक के साथ मिलकर मुख्य सड़कों तक पहुँच जाती है, जिससे भोपाल का AQI लगातार खराब श्रेणी की ओर बढ़ रहा है।
कई बार की गई मैनुअल सफाई, पानी का छिड़काव और हिस्सों की मरम्मत से उल्लेखनीय सुधार नहीं दिखा, जिसके बाद अब सिस्टमैटिक और दीर्घकालिक समाधान अपनाने की जरूरत महसूस हुई।
उच्च स्तरीय बैठक के बाद बना ठोस खाका
NCAP से नगर निगम को केंद्र सरकार द्वारा ₹30 करोड़ का आवंटन मिला था, लेकिन स्पष्ट योजना तैयार नहीं हो पा रही थी।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने शहरी प्रशासन आयुक्त संकट भोंडवे, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारियों तथा BMC टीम के साथ उच्च-स्तरीय बैठक कर निर्देश दिया कि—
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30 नवंबर तक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए,
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और एक विशेषज्ञ मॉनिटरिंग कमेटी बनाई जाए।
इसी के बाद निगम ने शहरभर के धूल नियंत्रण के लिए चरणबद्ध, वैज्ञानिक और दीर्घकालिक प्लान तैयार किया।
डस्ट कंट्रोल की मुख्य रणनीतियाँ
1. गड्ढों की मरम्मत और रोड शोल्डर्स का उपचार
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सभी प्रमुख एवं आंतरिक सड़कों पर गड्ढे भरे जाएंगे।
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1000 किमी+ अनपेव्ड रोड शोल्डर्स पर पैवर ब्लॉक लगाए जाएंगे, ताकि धूल हवा में न उड़े और सड़क पर वापस न आए।
2. शहरभर में फाउंटेन्स चालू रहेंगे
फाउंटेन्स को धूल के महीन कणों को नीचे बैठाने के एक प्रभावी उपाय के रूप में देखा जा रहा है।
3. हरियाली बढ़ाना
केंद्रीय और साइड वर्जेस पर घनी हरियाली विकसित की जाएगी, जो धूल कणों को अवशोषित कर सकेगी।
4. रात में पानी का छिड़काव
मुख्य सड़कों और पेड़ों पर नाइट-टाइम स्प्रिंकलिंग की जाएगी, ताकि दिन में धूल का उड़ना कम हो।
टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होगी
BMC के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर उदित गर्ग ने बताया—
“मैकेनिकल विभाग ने अपना प्रस्ताव तैयार कर लिया है, अन्य विभाग भी जल्द भेज देंगे। आयुक्त की मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।”
निगम का मानना है कि यह योजना लागू होने के बाद भोपाल की हवा में धूलकणों की मात्रा में महत्वपूर्ण कमी आएगी और शहर एक स्वच्छ, स्वास्थ्यकर वातावरण की ओर बढ़ेगा।
