बोट क्लब का म्यूजिकल फाउंटेन अब BMC चलाएगी, 8.5 करोड़ की परियोजना को मिली नई ज़िंदगी
करीब पांच साल से बंद पड़े बोट क्लब के म्यूजिकल फाउंटेन को लेकर भोपाल नगर निगम (BMC) ने बड़ा फैसला लिया है। अब यह फाउंटेन...

करीब पांच साल से बंद पड़े बोट क्लब के म्यूजिकल फाउंटेन को लेकर भोपाल नगर निगम (BMC) ने बड़ा फैसला लिया है। अब यह फाउंटेन सीधे नगर निगम द्वारा संचालित किया जाएगा। नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने बुधवार को हुई बैठक में इसकी आधिकारिक पुष्टि की। इसके साथ ही इस परियोजना को पर्यटन विभाग को सौंपने को लेकर लंबे समय से चली आ रही असमंजस की स्थिति समाप्त हो गई है।
8.5 करोड़ की लागत, लेकिन एक हफ्ते में बंद
97 मीटर लंबे इस म्यूजिकल फाउंटेन का उद्घाटन 10 दिसंबर 2019 को तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने किया था। करीब 8.5 करोड़ रुपये की लागत से बने इस फाउंटेन में फोटो और वीडियो प्रोजेक्शन जैसी आधुनिक सुविधाएं भी शामिल थीं। हालांकि, उद्घाटन के महज एक सप्ताह बाद ही तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से इसका संचालन बंद हो गया था।
पर्यटन विभाग को सौंपने की योजना ठंडी पड़ी
सूत्रों के अनुसार, पहले इस फाउंटेन का संचालन मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग को सौंपने का प्रस्ताव था, ताकि इसे एक नियमित पर्यटन आकर्षण के रूप में विकसित किया जा सके। लेकिन विभागीय सहमति और संचालन ढांचे को लेकर यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका। अब BMC ने इसे स्वयं संचालित करने का निर्णय लिया है।
अपर लेक और पर्यावरण को लेकर उठे सवाल
फाउंटेन की स्थापना के बाद से ही स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों ने इस पर आपत्तियां जताई थीं। उनका कहना था कि यह संरचना अपर लेक के प्राकृतिक दृश्य को बाधित करती है और झील के पारिस्थितिक संतुलन पर असर डाल सकती है। उल्लेखनीय है कि अपर लेक को यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त रामसर साइट का दर्जा हासिल है, जहां किसी भी गतिविधि में पर्यावरणीय सावधानियां अनिवार्य मानी जाती हैं।
नगर निगम की मंशा: मनोरंजन के साथ संतुलन
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि बोट क्लब में नागरिकों और पर्यटकों के लिए मनोरंजन सुविधाएं बढ़ाना जरूरी है, लेकिन इसके साथ पर्यावरणीय मानकों का पालन भी किया जाएगा। आयुक्त संस्कृति जैन के अनुसार, संचालन से पहले तकनीकी स्थिति, सुरक्षा उपायों और पर्यावरणीय प्रभावों की समीक्षा की जाएगी।
क्यों अहम है यह फैसला
विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि सही तरीके से और सीमित समय-सारिणी के तहत इसका संचालन किया गया, तो यह बोट क्लब क्षेत्र में शाम के समय गतिविधियों को बढ़ावा दे सकता है और शहर के पर्यटन को नई पहचान दे सकता है। हालांकि, यह भी उतना ही जरूरी है कि अपर लेक जैसे संवेदनशील जलस्रोत पर किसी भी तरह का दीर्घकालिक दबाव न पड़े।
निष्कर्ष
बोट क्लब का म्यूजिकल फाउंटेन एक बार फिर चर्चा में है। अब देखने वाली बात यह होगी कि BMC इसे किस मॉडल पर संचालित करती है और क्या मनोरंजन तथा पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन साध पाती है या नहीं।
