बीसीसीआई का बड़ा कदम: घरेलू क्रिकेट में नए नियम लागू, गेंदबाजों पर पड़ेगा असर
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 2026-27 सत्र से घरेलू क्रिकेट के प्लेइंग कंडीशंस में कई महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है, जिसका सीधा असर गेंदबाजों और विकेटकीपरों पर पड़ेगा।

संवाददाता: राज बड़खानें
द क्लिफ न्यूज़ | 21 जुलाई 2026
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 2026-27 घरेलू क्रिकेट सीजन के शुरू होने से ठीक पहले क्रिकेट के नियमों में कई बड़े और महत्वपूर्ण बदलावों को लागू करने का निर्णय लिया है। मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) द्वारा हाल ही में क्रिकेट के नियमों में किए गए संशोधनों के अनुरूप, बीसीसीआई ने अपने सभी घरेलू टूर्नामेंट्स के लिए इन नए प्रावधानों को अपनाने का फैसला किया है। इन बदलावों का सबसे अधिक प्रभाव गेंदबाजों, विकेटकीपर्स और बहु-दिवसीय (मल्टी-डे) मैचों के संचालन पर पड़ने की उम्मीद है।
बीसीसीआई ने इन नए नियमों की विस्तृत जानकारी सभी राज्य क्रिकेट संघों को आधिकारिक तौर पर भेज दी है। इसके साथ ही, बोर्ड ने अंपायरों और मैच रेफरी के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन भी शुरू कर दिया है। इन सत्रों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आगामी घरेलू सत्र में इन नए नियमों को प्रभावी ढंग से और सटीकता से लागू किया जा सके।
फ्रंट फुट नो बॉल पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान
इन बदलावों में सबसे उल्लेखनीय प्रावधान फ्रंट फुट नो बॉल से संबंधित है। अब, यदि किसी मैच के दौरान कोई गेंदबाज जानबूझकर फ्रंट फुट नो बॉल फेंकता हुआ पाया जाता है, तो उसे केवल गेंदबाजी से ही नहीं हटाया जाएगा, बल्कि उस पूरे मैच से निलंबित कर दिया जाएगा। यह नियम खेल की भावना को बनाए रखने और अनुचित लाभ उठाने वाले गेंदबाजों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पेश किया गया है।
यह नई व्यवस्था क्रिकेट के मैदान पर अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीद है कि इससे खेल अधिक निष्पक्ष और रोमांचक बनेगा, तथा गेंदबाज नियमों का पालन करने के प्रति अधिक सजग होंगे। बोर्ड का मानना है कि इस प्रकार के कड़े नियम खेल के प्रति खिलाड़ियों की गंभीरता को बढ़ाएंगे और एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देंगे।
