बीरभूम: पत्थर कारोबारी के ठिकाने से 50 करोड़ की संपत्ति जब्त, 28.5 करोड़ नकद और 15 किलो सोना बरामद
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई। फरार पत्थर कारोबारी टुल्लू मंडल के करीबी से 28.5 करोड़ नकद और 15 किलो सोना जब्त, कुल मूल्य 50 करोड़ रुपये।

द क्लिफ न्यूज़ | बीरभूम | 30 जुलाई 2026
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में एक बड़े पैमाने पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने कथित तौर पर एक पत्थर कारोबारी के नेटवर्क से जुड़े ठिकाने से लगभग 28.5 करोड़ रुपये नकद और 15 किलोग्राम सोना जब्त किया है। बरामद की गई नकदी और सोने का कुल मूल्य करीब 50 करोड़ रुपये आंका गया है। यह बरामदगी राज्य में हाल के वर्षों में हुई अवैध संपत्ति की सबसे बड़ी ज़ब्तियों में से एक मानी जा रही है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य कारोबारी टुल्लू मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन के प्रबंधक और करीबी रिश्तेदार मीनार मंडल को गिरफ्तार किया है, जबकि टुल्लू मंडल फरार है।
बीरभूम के पुलिस अधीक्षक वी.आर. भुंदेश ने बताया कि बुधवार को मोहम्मदबाजार थाना क्षेत्र के देउचा गांव में मीनार मंडल के दो मंजिला मकान पर छापेमारी की गई। शुरुआती तलाशी के दौरान शाम तक लगभग 20 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए थे, लेकिन रात भर चले अभियान के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 28.5 करोड़ रुपये से अधिक हो गया। पुलिस के अनुसार, मीनार मंडल के घर से एक-एक किलोग्राम वजन की 14 सोने की छड़ें और 100-100 ग्राम के 10 सोने के बिस्कुट भी बरामद किए गए। मौजूदा बाजार मूल्य के अनुसार इस सोने की कीमत लगभग 21.5 करोड़ रुपये आंकी गई है।
नकदी गिनती में मशीनों का खराब होना, सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम
बरामद हुई नकदी की भारी मात्रा ने पुलिस को भी चौंका दिया। नोटों की गिनती के लिए कई करेंसी काउंटिंग मशीनों का इस्तेमाल करना पड़ा, जिनमें से पांच मशीनें गिनती के दौरान ही खराब हो गईं। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती सोने को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए पुलिस को विशेष इंतजाम करने पड़े। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सोने को रखने के लिए लोहे के बड़े बक्सों की व्यवस्था करनी पड़ी।
पुलिस ने बुधवार को छापेमारी के दौरान मीनार मंडल और उसके बेटे को हिरासत में लिया था। गुरुवार सुबह मीनार मंडल को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया और उसे स्थानीय अदालत में पेश करने की तैयारी की गई। जांच एजेंसियां उससे बरामद नकदी और सोने के स्रोत के बारे में गहन पूछताछ कर रही हैं। इससे यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह संपत्ति अवैध खनन, हवाला कारोबार या किसी अन्य आर्थिक अपराध से जुड़ी है या नहीं।
फरार टुल्लू मंडल की तलाश जारी, आवास पर भी तलाशी
इस बीच, केंद्रीय बलों की मौजूदगी में पुलिस ने फरार बताए जा रहे मुख्य कारोबारी टुल्लू मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन के आवास पर भी तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। टुल्लू मंडल कथित तौर पर मई 2026 में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही फरार है। उसके आवास के बाहर केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है, जबकि पुलिस की टीम परिसर के भीतर गहन तलाशी ले रही है।
पुलिस के अनुसार, टुल्लू मंडल का बीरभूम जिले में पत्थर खनन और कंक्रीट निर्माण के कारोबार में बड़ा प्रभाव रहा है। पहले भी टुल्लू मंडल का नाम कोयला और मवेशी तस्करी के मामलों की जांच के दौरान सामने आ चुका है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद हुई इतनी बड़ी रकम और सोना आखिर कहां से आया और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। इस मामले में वित्तीय लेन-देन, संपत्तियों और कारोबारी नेटवर्क की भी गहराई से जांच की जा रही है।
बड़े खुलासों की उम्मीद, जांच जारी
अधिकारियों का मानना है कि मीनार मंडल से पूछताछ और जब्त दस्तावेजों की पड़ताल के बाद इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है। पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां इस मामले को कई पहलुओं से खंगाल रही हैं। फरार टुल्लू मंडल की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। यह कार्रवाई बीरभूम में अवैध वित्तीय गतिविधियों और अपराध पर नकेल कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
