बिलौआ खदानों पर सख्त निगरानी: प्रशासन ने अवैध उत्खनन रोकने के लिए कसी नकेल
ग्वालियर के बिलौआ क्षेत्र में हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने प्रतिबंधित खदानों पर अवैध उत्खनन रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। आठ जांच चौकियां स्थापित की गई हैं और विशेष टीमें गठित की गई हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | ग्वालियर | 9 अगस्त 2026
ग्वालियर जिले के बिलौआ क्षेत्र में स्थित प्रतिबंधित खदानों में अवैध उत्खनन पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। उच्च न्यायालय ग्वालियर के स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में, कलेक्टर रुचिका चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने शनिवार को इन खदानों का गहन स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान, दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और प्रतिबंधित क्षेत्रों से किसी भी प्रकार के खनिज निष्कर्षण या परिवहन पर पूर्ण विराम लगे।
निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर रुचिका चौहान ने अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कहा कि केवल आदेश जारी कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी निगरानी और नियंत्रण सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिकारियों को हर समय सतर्क रहते हुए अवैध गतिविधियों पर पैनी नज़र रखनी होगी।
अवैध खनन रोकने के लिए व्यापक इंतजाम
जिला प्रशासन द्वारा अवैध उत्खनन को रोकने के उद्देश्य से बिलौआ क्षेत्र में आठ विशेष जांच चौकियां स्थापित की गई हैं। इन चौकियों के माध्यम से क्षेत्र में होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाएगी। इसके अतिरिक्त, जिला खनिज अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल भी गठित किए गए हैं। ये दल समय-समय पर खदानों और आसपास के इलाकों में अचानक छापेमारी कर अवैध खनन में संलिप्त तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। प्रशासन की इस सघन निगरानी और छापेमारी की कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध खनन में लिप्त असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है।
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट सी बी प्रसाद, उपखंड मजिस्ट्रेट डबरा श्रीमती जूही गर्ग, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती भूमिजा सक्सेना, डिप्टी कलेक्टर अनिल राघव और जिला खनिज अधिकारी पंकजध्वज मिश्रा सहित पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन का यह स्पष्ट संदेश है कि कानून का पालन कराने में कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और क्षेत्र में शांति एवं सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए यह विशेष निगरानी आगे भी जारी रखी जाएगी।
