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बीकेपी कॉलेज में शिक्षक दिवस पर छात्रों ने गुरुओं का किया सम्मान

देवरी के पंडित बृजकिशोर पटेरिया शिक्षा महाविद्यालय में शिक्षक दिवस पर विद्यार्थियों ने एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन कर शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। महाविद्यालय के संचालक डॉ. अवनीश मिश्रा ने शिक्षकों को मार्गदर्शक बताया।

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संवाददाता: त्रिवेंद्र जाट
बीकेपी कॉलेज में शिक्षक दिवस पर छात्रों ने गुरुओं का किया सम्मान

संवाददाता: त्रिवेंद्र जाट

द क्लिफ न्यूज़ | देवरी | 5 सितंबर 2026

देवरी स्थित पंडित बृजकिशोर पटेरिया शिक्षा महाविद्यालय (बीकेपी कॉलेज) में शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने एक गरिमामय और भव्य कार्यक्रम का आयोजन कर अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। इस आयोजन में महाविद्यालय के संचालक डॉ. अवनीश मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जिन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।

डॉ. मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम का ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास और उनके भविष्य को आकार देने वाला एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक होता है। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

संस्कृति की धरोहर और संस्कारों का निर्वहन

महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य श्रीमती प्रतिभा पांडेय ने भी विद्यार्थियों को शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर, गुरु-शिष्य परंपरा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का अनुशासन, नैतिक संस्कार और निरंतर सीखने की ललक ही एक शिक्षक के प्रयासों की सच्ची सफलता का मापक है।

महाविद्यालय के व्याख्याता शिवम शर्मा ने बीकेपी शिक्षा महाविद्यालय और शिक्षक दिवस के बीच वर्षों पुराने आत्मीय जुड़ाव को याद किया। उन्होंने बताया कि संस्था पिछले 18 वर्षों से शिक्षक सम्मान की परंपरा का निर्वहन करती आ रही है, जिसके माध्यम से क्षेत्र के शिक्षकों को सम्मानित किया जाता रहा है। कोविड-19 महामारी के कारण यह परंपरा बाधित हुई, परंतु आज भी विद्यार्थियों द्वारा इसे जीवित रखना संस्था की समृद्ध विरासत और संस्कारों का प्रमाण है।

बदलते दौर में शिक्षक की भूमिका

शिवम शर्मा ने वर्तमान तकनीकी युग में शिक्षक की बदलती भूमिका, शिक्षा के वास्तविक उद्देश्यों, कर्तव्य-बोध, सहिष्णुता और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों के योगदान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक बनना है।

कार्यक्रम का संचालन शिवांश चौरसिया और लोकेश साहू ने किया। इस अवसर पर श्रीमती आरती मेहरा, सत्यवती विश्वकर्मा, प्रियांशी लोधी, कौशल्या कुर्मी, बुशरा खान, ऋतिका ठाकुर, कृष्णकांत लोधी, सुनील दुबे, संतोष तिवारी, माधव नेमा, शनि तिवारी, अंकिता राय, खुशबू मिश्रा, धर्मेंद्र लोधी, प्रियांशी जैन, ऋतु मिश्रा, रिया गुप्ता सहित कई अन्य विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक और रचनात्मक प्रस्तुतियाँ भी दीं, जिसने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। महाविद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्यों और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को सफल बनाया।