बिजली कनेक्शन के नाम पर 10 हजार की रिश्वत लेते जेई गिरफ्तार
फर्रुखाबाद में विजिलेंस टीम ने विद्युत उपकेंद्र पर तैनात जेई अजीत राजपूत को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। उपभोक्ताओं ने जेई पर अन्य कामों के लिए भी रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 19 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में विद्युत विभाग के एक अवर अभियंता (जेई) को बुधवार दोपहर रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। गुगौरा विद्युत उपकेंद्र पर तैनात जेई अजीत राजपूत को विजिलेंस टीम ने एक महिला उपभोक्ता से विद्युत कनेक्शन देने के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। इस कार्रवाई से बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है।
बताया जा रहा है कि जेई अजीत राजपूत द्वारा एक घरेलू विद्युत कनेक्शन स्वीकृत करने के एवज में महिला उपभोक्ता से 10 हजार रुपये की मांग की गई थी। इस संबंध में की गई शिकायत के आधार पर विजिलेंस टीम ने पहले मामले की जांच की और शिकायत की सत्यता पाए जाने पर बुधवार को घेराबंदी कर जेई को रिश्वत की रकम स्वीकार करते हुए गिरफ्तार कर लिया।
उपभोक्ताओं द्वारा लंबे समय से रिश्वतखोरी की शिकायतें
स्थानीय उपभोक्ताओं का आरोप है कि जेई अजीत राजपूत के खिलाफ लंबे समय से रिश्वतखोरी की शिकायतें सामने आ रही थीं। आरोप है कि जेई न केवल घरेलू विद्युत कनेक्शन के लिए, बल्कि बिना स्टीमेट ट्रांसफार्मर लगवाने और विद्युत लाइन शिफ्ट कराने जैसे कार्यों के लिए भी उपभोक्ताओं से अवैध सुविधा शुल्क की मांग करते थे।
सूत्रों के अनुसार, जब भी इस तरह की शिकायतें सामने आती थीं, तो जेई अजीत राजपूत कथित तौर पर कार्रवाई लाइनमैनों के खिलाफ करने की बात कहकर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास करते थे। रिश्वतखोरी की इस प्रवृत्ति से परेशान उपभोक्ताओं में विभागीय व्यवस्था के प्रति व्यापक नाराजगी बनी हुई थी।
विजिलेंस जांच के दायरे में अन्य शिकायतें
विजिलेंस टीम की इस कार्रवाई के बाद, बिजली विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी सतर्क हो गए हैं। जेई अजीत राजपूत के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। विजिलेंस टीम रिश्वत लेने के आरोपों के साथ-साथ अन्य शिकायतों की भी गहनता से जांच कर रही है, ताकि इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश हो सके। इस घटना ने सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार के प्रति जनता की चिंता को फिर से उजागर किया है।
