बी.फार्मा प्रवेश पत्र में आपत्तिजनक भाषा: एनएसयुआई ने आर.डी. विवि. में किया प्रदर्शन
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के बी.फार्मा आठवें सेमेस्टर के प्रवेश पत्र में आपत्तिजनक भाषा के प्रयोग से नाराज़ एनएसयुआई ने विरोध प्रदर्शन किया।

द क्लिफ न्यूज़ | जबलपुर | 29 जुलाई 2026
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर में बी.फार्मा सीबीसीएस आठवें सेमेस्टर की एक छात्रा के प्रवेश पत्र में रोल नंबर की जगह अपभ्रंश और अशोभनीय भाषा के प्रयोग के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना के विरोध में राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयुआई) के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया।
एनएसयुआई के प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही और छात्राओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ किए जाने को लेकर अपना रोष व्यक्त किया। विरोध स्वरूप, कार्यकर्ताओं ने कुलसचिव को "बेशर्मी का प्रतीक" बताते हुए एक पौधा भेंट किया। लगभग एक घंटे तक चले हंगामे के बाद जब विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई प्रतिनिधि मिलने नहीं आया, तो कार्यकर्ता कुलसचिव के कार्यालय में घुस गए। वहां उन्होंने विरोध स्वरूप पौधा कुलसचिव की डेस्क पर रख दिया और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही पर एनएसयुआई का कड़ा ऐतराज
एनएसयुआई के छात्र नेता अनुराग शुक्ला और शफी खान ने विश्वविद्यालय प्रशासन की इस घोर लापरवाही और छात्राओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि एनएसीसी (NAAC) द्वारा 'ए' ग्रेड प्राप्त एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से इस प्रकार की त्रुटि होना अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना है। यह छात्राओं के आत्मसम्मान पर सीधा प्रहार है। प्रवेश पत्र जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेजों में भाषा संबंधी गंभीर खामियां विश्वविद्यालय की पूरी कार्यप्रणाली पर ही प्रश्नचिह्न लगाती हैं। यह न केवल विद्यार्थियों के साथ अन्याय है, बल्कि इससे विश्वविद्यालय की छवि भी धूमिल हो रही है।
तत्काल कार्रवाई की मांग
संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल सभी त्रुटिपूर्ण प्रवेश पत्रों को संशोधित कर पुनः जारी करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, एनएसयुआई ने इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की भी वकालत की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। इस प्रदर्शन में अनुराग शुक्ला, शफी खान, अंकित शुक्ला, सैफ अली, अनिकेत मेश्राम, अंकित कोरी, वकार खान, अदील सैय्यद, युग ठाकुर, राजीव श्रीवास्तव, नारायण चौधरी, अमित सिंह सहित बड़ी संख्या में एनएसयुआई कार्यकर्ता और छात्र शामिल थे।
