भोपाल: सीमा शुल्क अधिकारियों के नए आपराधिक कानूनों पर प्रशिक्षण संपन्न
भोपाल में 65 सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं नारकोटिक्स अधिकारियों ने दो सप्ताह का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। इस दौरान नए आपराधिक कानूनों पर विशेष...

द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: विनय राजपूत
द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 14 सितंबर 2026
भोपाल स्थित मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी में राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं नारकोटिक्स अकादमी (NASIN) के 65 निरीक्षक-स्तरीय अधिकारियों का दो सप्ताह का गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह विशेष सत्र 31 अगस्त से 12 सितंबर 2026 तक आयोजित किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य अधिकारियों की व्यावसायिक दक्षता बढ़ाना और उन्हें नवीनतम कानूनी प्रावधानों से अवगत कराना था।
समापन समारोह की अध्यक्षता पुलिस उप महानिरीक्षक, होमगार्ड एवं आपदा प्रबंधन अमित सांघी ने की। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए फील्ड वर्क मैनेजमेंट, प्रभावी प्रशासनिक निर्णय लेने की प्रक्रिया और पुलिस विभाग के साथ बेहतर अंतर-विभागीय समन्वय के महत्व पर बल दिया। सांघी ने कहा कि प्रवर्तन एजेंसियों के बीच मजबूत तालमेल और व्यावसायिक उत्कृष्टता ही शासकीय कार्यों की प्रभावशीलता को बढ़ा सकती है।
नए आपराधिक कानूनों पर विशेष ध्यान
प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में अधिकारियों को कानून, अनुशासन, व्यावसायिक दक्षता और अंतर-विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न विषयों पर गहन जानकारी प्रदान की गई। पाठ्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे नवीनतम आपराधिक कानूनों के प्रावधानों को विस्तार से समझना था। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र में इन नए कानूनों की गहन समझ के साथ कार्य कर सकें और प्रभावी ढंग से उनका अनुपालन करा सकें।
इन महत्वपूर्ण कानूनी बदलावों के अतिरिक्त, प्रशिक्षण में परेड, वेपन टैक्टिक्स, न्यायालयीन प्रक्रिया, मानव अधिकार, नीतिशास्त्र, अपराधशास्त्र और वर्क-लाइफ बैलेंस जैसे व्यावहारिक और महत्वपूर्ण विषय भी शामिल थे। इन विषयों का उद्देश्य अधिकारियों के समग्र कौशल और ज्ञान को विकसित करना था।
अकादमी का निरंतर प्रयास
मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम NASIN विभाग के अधिकारियों की कानूनी समझ, नेतृत्व क्षमता और कार्य प्रबंधन कौशल को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। अकादमी विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर उनकी व्यावसायिक दक्षता और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्यरत है।
समापन अवसर पर उप निदेशक रामजी श्रीवास्तव, श्रीम. रेनू डामोर, सहायक निदेशक प्रशिक्षण रश्मि पाण्डेय, सहायक निदेशक यास्मीन जहरा सहित अकादमी के वरिष्ठ अधिकारी और स्टाफ उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान का अपने-अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी उपयोग करने की सलाह दी गई। इस आयोजन को विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों के बीच परस्पर समझ और सहयोग विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
