भोपाल निगम की बड़े पैमाने पर कार्रवाई, 41 मामलों में ₹9700 जुर्माना वसूला
भोपाल नगर निगम ने गंदगी फैलाने, सिंगल यूज प्लास्टिक व कचरा जलाने वालों के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए 41 प्रकरणों में ₹9700 का जुर्माना वसूला...

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 27 जुलाई 2026
भोपाल नगर निगम ने शहर में स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से गंदगी फैलाने, सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग और कचरा जलाने जैसे कृत्यों के विरुद्ध सख्त अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत सोमवार को विभिन्न क्षेत्रों में की गई कार्रवाईयों में कुल 41 प्रकरणों में ₹9,700 का स्पॉट फाइन वसूला गया है।
नगर निगम आयुक्त श्रीमती संस्कृति जैन के निर्देशों के क्रम में, निगम के स्वास्थ्य विभाग के अमले ने सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर निगरानी और कार्रवाई जारी रखी है। सोमवार को जोन क्रमांक 15 के अमले ने वार्ड क्रमांक 66, निजामुद्दीन कॉलोनी क्षेत्र में श्री असलम भाई द्वारा कचरा जलाए जाने पर ₹500 का जुर्माना लगाया। यह कार्रवाई निगम द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
निगम द्वारा स्वच्छता मानकों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई
निगम अमले द्वारा की गई विस्तृत कार्रवाई में, सार्वजनिक स्थलों पर निर्माण एवं विध्वंस (सी.एण्ड.डी) अपशिष्ट फेंकने के तीन प्रकरणों में ₹5,500 का जुर्माना वसूला गया। यह महत्वपूर्ण राशि इन नियमों के उल्लंघन के प्रति निगम की गंभीरता को दर्शाती है, जो सार्वजनिक स्थानों को दूषित करते हैं और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं। निर्माण और विध्वंस से उत्पन्न होने वाले अपशिष्ट का उचित निपटान न केवल शहर की सौंदर्यता के लिए बल्कि दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है।
इसके अतिरिक्त, प्रतिबंधित पॉलीथीन या सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग करने वाले दो व्यक्तियों से ₹200 का जुर्माना लिया गया। सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने में सहायक है। निगम इस संबंध में जन जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रखे हुए है।
सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों पर भी लगा जुर्माना
वहीं, सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वाले 35 विभिन्न प्रकरणों में ₹3,500 की राशि जुर्माने के तौर पर वसूल की गई। इन प्रकरणों में फुटपाथों पर थूकना, कूड़ेदानों के बजाय इधर-उधर कचरा फेंकना, या अन्य कोई भी कृत्य शामिल हो सकता है जिससे सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता भंग होती हो। निगम का यह प्रयास शहर को न केवल देखने में सुंदर बनाए रखने के लिए है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भी है, क्योंकि गंदगी विभिन्न बीमारियों का कारण बन सकती है।
इस प्रकार, कुल 41 प्रकरणों में ₹9,700 की राशि स्पॉट फाइन के रूप में एकत्र की गई। यह कार्रवाई नगर निगम के उन प्रयासों का हिस्सा है जिनका उद्देश्य शहर को स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाए रखना है। निगम प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे स्वच्छता नियमों का पालन करें और पर्यावरण को प्रदूषित करने वाली गतिविधियों से बचें। शहर को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी केवल निगम की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की है, और सामूहिक प्रयासों से ही भोपाल को एक आदर्श स्वच्छ शहर बनाया जा सकता है।
