भोपाल में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: 150 पीड़ितों का सम्मान, मौन जुलूस
भोपाल में 1947 के विभाजन की त्रासदी को याद करते हुए मौन जुलूस निकाला गया और 150 पीड़ित परिवारों को सम्मानित किया गया। बीजेपी नेताओं ने इतिहास से सीखने और एकता मजबूत करने पर जोर दिया।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 14 अगस्त 2026
वर्ष 1947 में हुए भारत-पाकिस्तान के विभाजन की भयावह त्रासदी को स्मरण करने के लिए शुक्रवार को भोपाल में 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान एक मौन जुलूस निकाला गया और विभाजन के दौरान विस्थापित हुए लोगों की पीड़ा, संघर्ष और पुनर्वास की यात्रा को दर्शाने वाली एक प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में, पाकिस्तान के सिंध प्रांत से भोपाल आकर बसे 150 विभाजन पीड़ितों का सम्मान किया गया, साथ ही 10 लोगों को सरेंडर पत्र भी प्रदान किए गए।
इस कार्यक्रम में भोपाल से सांसद श्री आलोक शर्मा, जिलाध्यक्ष श्री रविन्द्र यति, जिला प्रभारी श्री जसवंत हाडा एवं महापौर श्रीमती मालती राय ने भाग लिया। बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और स्कूली छात्र भी इस मार्मिक स्मृति दिवस के साक्षी बने।
विभाजन के दर्द को समझना और इतिहास से सीखना
सांसद श्री आलोक शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि 14 अगस्त केवल एक उत्सव का दिन नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों को याद करने का दिन है जिन्होंने देश के विभाजन की त्रासदियों में अपने घर, परिवार, संपत्ति और यहां तक कि प्रियजनों को भी खो दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विभाजन के दौरान हुई हिंसा और बड़े पैमाने पर हुआ विस्थापन भारतीय इतिहास की सबसे गंभीर मानवीय त्रासदियों में से एक है।
श्री शर्मा ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2021 में 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया था। इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को इस दर्दनाक इतिहास और उसके संघर्षों से अवगत कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दिवस का मकसद किसी के प्रति नफरत फैलाना नहीं, बल्कि इतिहास से सीख लेकर देश की एकता और अखंडता को और अधिक मजबूत करना है।
पीड़ितों के साहस और राष्ट्र निर्माण में योगदान को नमन
जिलाध्यक्ष श्री रविन्द्र यति ने कहा कि जिन लोगों ने विभाजन का दर्द सहा, उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अदम्य साहस दिखाया और हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने नए सिरे से जीवन की शुरुआत की और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। श्री यति ने कहा कि आज हमें उनके संघर्ष, साहस और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को नमन करना चाहिए। भोपाल के प्रत्येक मंडल में भी इस स्मृति दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।
अजय जामवाल ने शहीदों को किया नमन, प्रदर्शनी का अवलोकन
भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री श्री अजय जामवाल ने भी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने विभाजन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया और उनके त्याग तथा बलिदान को स्मरण किया। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्री शैलेन्द्र बरूआ, प्रदेश कार्यालय मंत्री श्री श्याम महाजन सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
श्री जामवाल ने भोपाल स्थित अरेरा मंडल के 10 नंबर मार्केट में लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शनी के माध्यम से विभाजन की त्रासदी और उस दौर में लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा एवं संघर्षों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान पूर्व सांसद श्री आलोक संजर, अरेरा मंडल अध्यक्ष श्री अभिषेक पुरोहित और मंडल के पदाधिकारी भी उनके साथ थे।
'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत फहराया राष्ट्रीय ध्वज
क्षेत्रीय संगठन महामंत्री श्री अजय जामवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत भोपाल स्थित अपने निवास पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भी फहराया। उन्होंने तिरंगे को देश की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक बताते हुए राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश दिया।
श्रद्धांजलि और सद्भाव का संकल्प
कार्यक्रमों के समापन पर, वर्ष 1947 के विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में मौन जुलूस निकाला गया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्री रविंद्र यति, जिला प्रभारी श्री जसवंत सिंह हाड़ा, महापौर श्रीमती मालती राय, जिला उपाध्यक्ष श्री अभय पंडित, जिला महामंत्री श्री चेतन भार्गव, जिला महामंत्री श्री प्रदीप शेखावत, श्रीमती गुंजन चौकसे, कार्यक्रम संयोजक श्री राकेश कुकरेजा, पार्षदगण, जिला पदाधिकारीगण सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और स्कूली विद्यार्थी उपस्थित रहे।
