भोपाल में सीएम ने फहराया तिरंगा, विकसित मध्यप्रदेश का संकल्प दोहराया
80वें स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में राष्ट्रध्वज फहराया। उन्होंने देश की एकता, अखंडता और प्रदेश के विकास के लिए अपने संकल्प को दोहराया।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 15 अगस्त 2026
मध्यप्रदेश ने अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस आज, 15 अगस्त 2026 को, देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की प्रबल भावना के साथ मनाया। राजधानी भोपाल में आयोजित विभिन्न समारोहों के मुख्य आकर्षण रहे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जिन्होंने कई महत्वपूर्ण स्थानों पर राष्ट्रध्वज फहराया और देश की एकता, अखंडता तथा एक विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने आधिकारिक निवास पर अत्यंत सम्मान और गरिमा के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया। राष्ट्रगान की धुन के बीच, उपस्थित सभी लोगों ने तिरंगे को सलामी दी, जिससे पूरा वातावरण देशभक्ति के ओज से सराबोर हो गया। ध्वजारोहण के उपरांत, मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन केवल उत्सव मनाने का नहीं, बल्कि उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्र नायकों को स्मरण करने का भी है जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।
स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का स्मरण
मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास पर प्रकाश डाला और कहा कि भारत की आजादी अनगिनत बलिदानों, त्यागों और लम्बे संघर्ष का परिणाम है। स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी जानें देश की खातिर न्योछावर कर दीं, जिनके बलिदान के कारण ही आज हम एक स्वतंत्र राष्ट्र में अपने अधिकारों और सम्मान के साथ जी पा रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि स्वतंत्रता दिवस हमें उन सभी वीरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक गरिमापूर्ण अवसर प्रदान करता है, जिन्होंने राष्ट्र की स्वतंत्रता और अस्मिता के लिए अपना सर्वस्व अर्पण कर दिया। यह स्मरण केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो हमें देश के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराता है।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें उन अनगिनत गुमनाम नायकों को भी याद करने का अवसर देता है, जिन्होंने परदे के पीछे रहकर स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रत्येक नागरिक का योगदान, चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न हो, राष्ट्र निर्माण में अमूल्य होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दिन हमें उस संकल्प को दोहराना चाहिए कि हम सब मिलकर एक ऐसे भारत का निर्माण करेंगे, जैसा हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने देखा था - एक मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र।
प्रदेश भाजपा कार्यालय में भी ध्वजारोहण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास के बाद प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यालय पहुंचकर भी राष्ट्रध्वज फहराया और तिरंगे को सलामी दी। इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, जन-प्रतिनिधि और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे। सभी ने राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए देशभक्ति की भावना का प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यालय परिसर में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में एक उत्साही और गरिमामयी माहौल देखा गया, जहां कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और देश की एकता एवं अखंडता को और सुदृढ़ करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से देश की एकता और अखंडता के साथ राष्ट्रवाद को सर्वोपरि मानती आई है। आज का दिन देश के वीर जवानों, जिन्होंने सीमाओं पर देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है, उन्हें भी याद करने का दिन है। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे संगठन के माध्यम से जनसेवा के कार्यों में सक्रिय रहें और देश के विकास में अपना योगदान दें।
राष्ट्र निर्माण और प्रदेश के विकास का संकल्प
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि आजादी के पश्चात देश ने विभिन्न क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति हासिल की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अब भारत को और अधिक सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में निरंतर अग्रसर होना है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में पूरी निष्ठा, लगन और जिम्मेदारी के साथ योगदान देकर मध्यप्रदेश और संपूर्ण राष्ट्र की प्रगति में सक्रिय भूमिका निभाएं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास के लिए सरकार की योजनाओं और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार 'विकसित भारत, विकसित मध्यप्रदेश' के संकल्प को लेकर कार्य कर रही है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सुशासन और जनकल्याण हमारी सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि प्रत्येक नागरिक का सक्रिय सहयोग ही प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि आज का स्वतंत्रता दिवस एक ऐसे समय में आया है जब भारत विश्व पटल पर अपनी एक नई पहचान बना रहा है। वैश्विक मंचों पर भारत की बढ़ती धाक और आर्थिक प्रगति हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस राष्ट्रीय गौरव के अवसर को पहचानें और देश को आगे ले जाने में अपनी ऊर्जा और नवाचार का उपयोग करें।
सार्वजनिक स्थलों पर भी देशभक्ति की लहर
भोपाल शहर में स्वतंत्रता दिवस का उल्लास मुख्यमंत्री के आधिकारिक कार्यक्रमों तक ही सीमित नहीं रहा। शहर के विभिन्न सरकारी दफ्तरों, शैक्षणिक संस्थानों, निजी संगठनों और सार्वजनिक स्थानों पर भी तिरंगा फहराया गया। स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनमें गीत, नृत्य और नाटक शामिल थे। इन कार्यक्रमों ने नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत किया। पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों द्वारा विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी गई, जो उनकी राष्ट्र के प्रति निष्ठा और सेवा भावना का प्रतीक था।
शहर की सड़कों पर 'भारत माता की जय', 'वंदे मातरम्' और 'जय हिंद' जैसे देशभक्तिपूर्ण नारों से वातावरण गूंजता रहा। इन नारों ने स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों और देश के प्रति अटूट प्रेम की भावना को जीवंत कर दिया। मुख्यमंत्री के ध्वजारोहण कार्यक्रमों के दौरान भी यही देशभक्ति की लहर स्पष्ट रूप से देखी गई, जिसने राष्ट्रीय गौरव, देशभक्ति की भावना और प्रदेश को विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ाने के सामूहिक संकल्प को और भी सुदृढ़ किया। इन आयोजनों ने देश के स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों और वर्तमान विकास लक्ष्यों के बीच एक महत्वपूर्ण संबंध स्थापित किया, जो भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
