भोपाल में भारतीय ब्राह्मण सनातन एकता मंच का गठन, एकता और राष्ट्र निर्माण पर जोर
भोपाल में नवरात्रि के अवसर पर भारतीय ब्राह्मण सनातन एकता मंच का गठन किया गया। इसका उद्देश्य ब्राह्मण समाज में एकता, सनातन संस्कृति का संरक्षण...

भोपाल | संवाददाता: पंडित सुमित्रा शुक्ला
द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 11 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शारदीय नवरात्रि के पवित्र अवसर पर भारतीय ब्राह्मण सनातन एकता मंच का राष्ट्रीय स्तर पर गठन किया गया है। इस नवगठित संगठन का मुख्य उद्देश्य ब्राह्मण समाज को संगठित करना, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना और राष्ट्र की एकता को सुदृढ़ करने के लिए सामूहिक प्रयास करना है। संगठन ने सनातन संस्कृति के संरक्षण और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से संगठन की स्थापना को मंजूरी दी। संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के लिए पदाधिकारियों का चयन भी किया गया। पंडित उमेश शर्मा को मंच का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि पंडित सुमित्रा शुक्ला महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर जिम्मेदारी संभालेंगी। इसके अलावा, पंडित जितेंद्र मिश्रा को राष्ट्रीय महासचिव और पंडित योगेंद्र शास्त्री को राष्ट्रीय संयोजक के पद पर नियुक्त किया गया है। नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन के सिद्धांतों के प्रति पूर्ण निष्ठा के साथ समर्पण भाव से कार्य करने का प्रण लिया है।
एकता, संस्कृति संरक्षण और राष्ट्र निर्माण के लक्ष्य
भारतीय ब्राह्मण सनातन एकता मंच 'एक देश, एक कानून' की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयासरत रहेगा। संगठन का लक्ष्य भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण हेतु राष्ट्रव्यापी जनजागरण अभियान चलाना भी है। इसके माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जाएगा।
युवाओं की भागीदारी और विस्तार की योजना
मंच शिक्षा, संस्कार और सेवा के मूल्यों पर ध्यान केंद्रित करते हुए युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देगा। संगठन की योजनाओं के अनुसार, आगामी दिनों में एक कोर कमेटी की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें केंद्रीय कार्यकारिणी का विस्तार किया जाएगा। साथ ही, विभिन्न राज्यों और जिलों में इकाइयों के गठन की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी, ताकि संगठन का प्रभाव व्यापक स्तर पर फैल सके। संस्थापक मंडल ने समाज के प्रबुद्धजनों और युवाओं से राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय रूप से योगदान देने का आह्वान किया है। संगठन का मानना है कि सामूहिक और संगठित प्रयासों से सामाजिक सद्भाव को एक नई दिशा प्रदान की जा सकती है और राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
