भोपाल में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: निधि चौकसे बनीं एमपी नगर एसडीएम
भोपाल में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए बड़ा फेरबदल किया है। डिप्टी कलेक्टर निधि चौकसे को एमपी नगर वृत्त का एसडीएम नियुक्त किया गया है।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 7 अगस्त 2026
भोपाल कलेक्ट्रेट में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल किया गया है, जिसका उद्देश्य राजधानी की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी तथा सुचारू बनाना है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार, कई डिप्टी कलेक्टर और संयुक्त कलेक्टरों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस बदलाव के तहत, लंबे समय से कलेक्ट्रेट में पदस्थ रहीं डिप्टी कलेक्टर निधि चौकसे को एमपी नगर वृत्त का अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) नियुक्त किया गया है।
एमपी नगर एसडीएम का पद संयुक्त कलेक्टर एलके खरे के अपर कलेक्टर के पद पर पदोन्नत होने के बाद से रिक्त चल रहा था। अब इस महत्वपूर्ण क्षेत्र की कमान निधि चौकसे के हाथों में होगी। एमपी नगर वृत्त के अधिकार क्षेत्र में एमपी नगर, हरिजन कल्याण, अवधपुरी, बाग सेवनिया, क्राइम ब्रांच, अजाक्स, महिला थाना और जीआरपी थाना क्षेत्र शामिल होंगे। इन क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने, राजस्व प्रकरणों के निपटारे और अन्य प्रशासनिक कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी अब निधि चौकसे की होगी।
दीपक पांडेय को निर्वाचन और जनगणना की अहम जिम्मेदारी
इस फेरबदल में डिप्टी कलेक्टर एवं शहर वृत्त एसडीएम दीपक पांडेय को एक अतिरिक्त और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें उप जिला निर्वाचन अधिकारी (डिप्टी डीईओ) का प्रभार दिया गया है। अब वे निर्वाचन संबंधी कार्यों के साथ-साथ जनगणना से जुड़े दायित्वों का भी निर्वहन करेंगे। प्रशासनिक दृष्टि से यह जिम्मेदारी अत्यंत अहम है, क्योंकि निर्वाचन और जनगणना जैसे कार्यों में अचूक समन्वय, सुव्यवस्थित रिकॉर्ड प्रबंधन और समयबद्ध निष्पादन की आवश्यकता होती है। इन कार्यों की सफलता सीधे तौर पर नागरिक प्रशासन की क्षमता पर निर्भर करती है।
रवीश कुमार श्रीवास्तव को राजस्व और विकास परियोजनाओं का प्रभार
संयुक्त कलेक्टर एवं बैरागढ़ वृत्त के एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव को भी कई महत्वपूर्ण शाखाओं का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उन्हें भू-संसाधन प्रबंधन, राहत एवं आपदा प्रबंधन, नजूल, आरआरसी (राजस्व वसूली प्रमाण पत्र), वक्फ प्रकरण, भू-अर्जन और मेट्रो परियोजना से संबंधित कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अतिरिक्त, भूमि आवंटन शाखा का प्रभार भी उनके पास रहेगा। इन विभिन्न विभागों से जुड़े नीतिगत निर्णयों और प्रशासनिक समन्वय में रवीश कुमार श्रीवास्तव की भूमिका केंद्रीय होगी। इन महत्वपूर्ण शाखाओं के एकीकरण से संबंधित कार्यों के निष्पादन में गति आने की अपेक्षा है।
लाखन चौधरी जनशिकायत निवारण और लोक सेवा प्रबंधन का नेतृत्व करेंगे
डिप्टी कलेक्टर लाखन चौधरी को प्रशासनिक निगरानी से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण शाखाओं का दायित्व मिला है। उनके कार्यक्षेत्र में अब सीएम हेल्पलाइन, समाधान ऑनलाइन, टीएल (टाईम लिमिट) बैठक, जनसुनवाई, लोक सेवा प्रबंधन और सामान्य शिकायत शाखा शामिल होंगी। इन शाखाओं का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का प्रभावी ढंग से निराकरण करना, विभिन्न सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और लंबित प्रशासनिक मामलों की नियमित समीक्षा करना है। लाखन चौधरी की यह भूमिका सीधे तौर पर जनसेवा व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा नागरिकों के प्रति प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने से जुड़ी है।
प्रशासनिक कसावट और भविष्य की अपेक्षाएं
कलेक्ट्रेट स्तर पर किया गया यह व्यापक फेरबदल राजधानी भोपाल में प्रशासनिक कार्यों में गति लाने तथा अधिकारियों के बीच जिम्मेदारियों का अधिक स्पष्ट और प्रभावी वितरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नई जिम्मेदारियों के साथ, संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी बनाए रखें और शासन की जनहितकारी योजनाओं तथा महत्वपूर्ण परियोजनाओं के क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
इस पुनर्गठन के पश्चात, राजधानी भोपाल में राजस्व संबंधी मामलों के निपटारे, कानून व्यवस्था की स्थिति, निर्वाचन की तैयारियों, जन शिकायतों के निवारण तथा विभिन्न विकास परियोजनाओं के संचालन में और अधिक कुशलता तथा तेजी आने की प्रबल उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों के बीच दायित्वों के स्पष्ट बँटवारे से निर्णय लेने की प्रक्रिया भी तेज होने की संभावना है, जिससे प्रशासनिक तंत्र अधिक चुस्त और जवाबदेह बनेगा।
