भोपाल में अवैध निर्माण के खिलाफ रहवासियों का टॉर्च मार्च
भोपाल में आवासीय कॉलोनियों के आसपास अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ नागरिकों ने टॉर्च मार्च निकाला। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी कार्रवाई न होने से रहवासी नाराज हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 9 अगस्त 2026
भोपाल शहर में आवासीय कॉलोनियों के आसपास बढ़ते अवैध निर्माण, अतिक्रमण और आवासीय भूखंडों के व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ नागरिकों ने आवाज बुलंद की है। संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति भोपाल के आह्वान पर शनिवार शाम को अरेरा कॉलोनी के महावीर द्वार पर सैकड़ों लोग एकत्रित हुए और टॉर्च की रोशनी में लगभग 2 किलोमीटर दूर वन्दे मातरम् चौराहे तक एक 'टॉर्च लाइट मार्च' निकाला। इस मार्च के माध्यम से उन्होंने आवासीय क्षेत्रों के संरक्षण और अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा का संदेश दिया। मार्च में बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
नागरिकों ने इस बात पर गहरा रोष व्यक्त किया कि सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद नगर निगम इन अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करने में विफल रहा है। रहवासियों ने सवाल उठाया कि जब नगर निगम पहले ही एक सर्वे करवा चुका है, जिसमें हजारों की संख्या में अवैध निर्माण पाए गए थे और जिसकी जानकारी न्यायालय को दी जा चुकी है, तो फिर से सर्वे करवाकर समय क्यों बर्बाद किया जा रहा है। उनका आरोप है कि यह रसूखदार भूमाफियाओं को बचाने का प्रयास हो सकता है।
मास्टर प्लान के हवाला पर रोक और व्यावसायिक भवनों की स्थिति
रहवासियों का यह भी आरोप है कि मास्टर प्लान का हवाला देकर कार्रवाई को बाधित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2005 के मास्टर प्लान में अरेरा कॉलोनी के आसपास व्यावसायिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान सुनिश्चित किया गया था। इसके बावजूद, नगर निगम, बी.डी.ए. और हाउसिंग बोर्ड द्वारा अरेरा कॉलोनी के आसपास मेट्रो प्लाजा, मानसरोवर कॉम्प्लेक्स, मेट्रो वॉक और नव निर्मित फुले भवन जैसे व्यावसायिक भवनों का निर्माण करवाया गया, लेकिन ये अब खाली पड़े हैं। इनमें कई स्थानीय व्यापारियों की दुकानें भी हैं, जो या तो किराये पर हैं या बंद पड़ी हैं, जिससे शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है। समिति का सुझाव है कि इन अवैध दुकानों को इन खाली भवनों में विस्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए। साथ ही, दस साल पहले स्मार्ट सिटी के नाम पर टी.टी. नगर में खाली पड़ी कई एकड़ जमीन पर भी एक व्यवस्थित व्यावसायिक बाजार बनाया जा सकता है।
जन जागरूकता और भविष्य बचाने का संकल्प
संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने टॉर्च लाइट मार्च को केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि भोपाल के नागरिकों की जागरूकता और अपने शहर के भविष्य को बचाने का संकल्प बताया। समिति ने कहा कि आवासीय क्षेत्रों को अनियंत्रित व्यावसायिक गतिविधियों और अवैध निर्माणों से बचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है और नागरिक अब इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेंगे। आज के मार्च में भोपाल की 50 से अधिक रहवासी कॉलोनियों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर प्रशासन से अवैध दुकानों को हटाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया जाता है, तो वे न्यायालय में अवमानना याचिका दायर करने के लिए बाध्य होंगे।
अवैध निर्माणों पर बिना भेदभाव कार्रवाई की मांग
समिति ने प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि आवासीय क्षेत्रों में अवैध निर्माण, अतिक्रमण और अवैध भू-उपयोग के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा आवासीय कॉलोनियों के मूल स्वरूप को संरक्षित रखा जाए। अरेरा कॉलोनी के रहवासियों द्वारा शुरू की गई इस मुहिम को अन्य आवासीय समितियों का भी समर्थन मिल रहा है। वर्तमान में, गौतम नगर, विकास कुंज, कोलार रोड, नेहरू नगर, प्रिय दर्शनी, रोहित नगर, रचना नगर, बावड़िया, साकेत नगर, भेल, कोटरा, लालघाटी, शक्ति नगर, शाहपुरा, गुलमोहर (G1, G2, G3), डी.के. कॉटेज, ग्रीन सिटी सोसाइटी, राम शरण सोसाइटी आदि ने मिलकर संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति भोपाल का गठन किया है।
भविष्य की रणनीति और मांगें
समिति के प्रमुख सदस्यों में पूर्व आईएएस कविंद्र कियावत, पूर्णेंदु शुक्ला, सुभाष पांडे, गौतम नगर के अध्यक्ष मोहन खरपते, सोमकांत उमलकर, प्रयास संस्था की अध्यक्ष अपर्णा वाशिष्ट, शाहपुरा समिति की अध्यक्ष शुभ्रा गोयल, नीरज गुलाटी, कमल राठी, याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी, लवनीश भाटी, प्रद्युम्न शर्मा, हरीश भावनानी, शेखर माहेश्वरी, नवीन चौबे, पंकज अस्थाना, राम कु सिंह, राजीव झा, जोतसूरूप सिंह, जयेंद्र विजय, के.एस. शर्मा, ललित यादव, रुचिका सचदेवा, तरुण चौहान, एन.के. रजक, विजेंद्र राठौर, योगेश सराठे और प्रकाश चौकसे जैसे नाम शामिल हैं। इनके तत्वावधान में आगे की रणनीति पर तैयारी की जाएगी। नागरिकों ने यह भी मांग की है कि आवासीय भूखंडों पर निर्माणाधीन भवनों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
नागरिकों ने संकल्प लिया है कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर भोपाल के अन्य आवासीय क्षेत्रों के नागरिकों को भी साथ जोड़कर 'आवासीय क्षेत्र बचाओ अभियान' को और व्यापक बनाया जाएगा। समिति ने कहा, “आज हमने टॉर्च जलाई है, अब प्रशासन को अवैधता के अंधेरे को खत्म करने के लिए कार्रवाई की रोशनी जलानी होगी।”
