भोपाल में आचार्य समयसागर जी के प्रवचन से गूंजा संयम और विवेक का संदेश
भोपाल के श्री विद्योदय तीर्थ में आचार्य समयसागर जी महाराज ससंघ के पूजन में भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रवचन में उन्होंने ज्ञान और विवेक के अंतर को समझाते हुए स्वाध्याय पर जोर दिया।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 21 जुलाई 2026
भोपाल के एम.पी. नगर स्थित श्री विद्योदय तीर्थ आज एक अलौकिक आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर था। यहां परम पूज्य आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज ससंघ का भव्य पूजन अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जो गुरुदेव के प्रति अपनी गहरी आस्था का प्रतीक था। कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य श्री के चित्र अनावरण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके उपरांत पाद प्रक्षालन और शास्त्र भेंट जैसी मंगल क्रियाएं संपन्न हुईं।
पूजन के पश्चात्, आचार्य श्री ने अपने मंगल प्रवचन के माध्यम से जीवन के गहन सत्यों को सरल भाषा में श्रोताओं तक पहुंचाया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि किसी भी कार्य की उपादान और निमित्त प्राप्ति योग्यता के अनुरूप ही होती है। अपने प्रवचन के मुख्य अंशों में, आचार्य श्री ने ज्ञान और विवेक के बीच के सूक्ष्म अंतर को स्पष्ट किया। उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि भूख मिटाने के लिए भोजन करना ज्ञान है, परंतु कितना, कैसे और कब भोजन करना चाहिए, यह विवेक है। यह विवेकपूर्ण निर्णय ही सही मार्ग प्रशस्त करता है।
आहार विधि और स्वाध्याय का महत्व
गुरुदेव ने श्रमण परंपरा में आहार के नियमों का विस्तृत विवेचन किया। उन्होंने कहा कि पेट भी एक मशीन की तरह कार्य करता है, इसलिए केवल रुचि या इच्छा के वशीभूत होकर भोजन करना उचित नहीं है। विधिवत और नियमानुसार किया गया आहार ही पुण्य का उपार्जन कराता है। आचार्य श्री ने विशेष रूप से स्वाध्याय के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने युवाओं और सभी श्रद्धालुओं को मोबाइल पर समय व्यतीत करने के बजाय बहुमानपूर्वक स्वाध्याय करने की प्रेरणा दी, क्योंकि यही आत्मकल्याण का सबसे सशक्त माध्यम है। इस दौरान उन्होंने मूलाचार ग्रंथ के नियमों के पालन पर भी बल दिया।
मनोज जैन परिवार को मिला आहारदान का सौभाग्य
पूजन और प्रवचन के कार्यक्रम का समापन नवधा भक्तिपूर्वक आहारदान के साथ हुआ। इस पुनीत अवसर का सौभाग्य श्री मनोज जैन चौधरी परिवार, अरेरा कॉलोनी, भोपाल को प्राप्त हुआ। समाज के अन्य सदस्यों ने भी इस पुण्यमय कार्य के लिए परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस संपूर्ण आयोजन का श्रेय श्री दिगंबर जन पंचायत कमेटी ट्रस्ट भोपाल को जाता है, जिनके कुशल प्रबंधन में यह आध्यात्मिक उत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
