भोपाल में 151 विद्वानों के सम्मान के साथ द्वितीय अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष महोत्सव
भोपाल में 3-4 अक्टूबर 2026 को द्वितीय अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष महोत्सव का आयोजन होगा, जिसमें 151 ज्योतिष, वास्तु और तंत्र विद्वानों को सम्मानित किया जाएगा।

द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: पंडित कृपाराम उपाध्याय
द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 17 सितंबर 2026
झीलों की नगरी भोपाल 3 और 4 अक्टूबर 2026 को द्वितीय अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष महोत्सव एवं सम्मान समारोह की मेजबानी करेगा। जीवन रेखा ज्योतिष शोध संस्थान द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में ज्योतिष, वास्तु, तंत्र और अन्य वैदिक विधाओं के 151 प्रतिष्ठित विद्वानों को उनके शास्त्रीय योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, सम्मानित किए जाने वाले विद्वानों को शॉल, श्रीफल, प्रमाण-पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए जाएंगे।
संस्थान के संस्थापक राजज्योतिषी पंडित कृपाराम उपाध्याय ने बताया कि इस महोत्सव का प्राथमिक उद्देश्य सनातन वैदिक ज्ञान का संरक्षण करना है। इसके साथ ही, शास्त्र-शुद्ध ज्योतिष का प्रचार-प्रसार नवाचार के माध्यम से करना और युवा पीढ़ी को ऋषि-परंपरा से जोड़ना भी कार्यक्रम की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। वर्तमान समय में देश-काल की भविष्यवाणी, जिसे मुण्डेन एस्ट्रोलॉजी भी कहा जाता है, की बढ़ती प्रासंगिकता को देखते हुए इस पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, तंत्र शास्त्र के वैज्ञानिक पहलुओं पर भी विद्वान अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
सनातन वैदिक ज्ञान और ऋषि परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए होगा भव्य आयोजन।
यह महोत्सव न केवल वैदिक ज्ञान के संरक्षण का एक मंच होगा, बल्कि ऋषि परंपराओं को आधुनिक युग के अनुरूप ढालने और उसे पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगा। संस्थान का मानना है कि प्राचीन भारतीय ज्ञान-विज्ञान, विशेष रूप से ज्योतिष, आज भी प्रासंगिक है और इसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने की आवश्यकता है। युवा पीढ़ी को इन विद्याओं से जोड़कर, भविष्य के लिए योग्य ज्योतिषाचार्यों और शोधकर्ताओं को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इस भव्य आयोजन के माध्यम से, वैदिक ज्योतिष की गहराइयों को समझना और उसे जन-जन तक पहुंचाना संभव होगा, जिससे समाज को सकारात्मक दिशा मिलेगी।
महोत्सव में ज्योतिष शास्त्र के वैज्ञानिक पहलुओं पर विद्वानों द्वारा विशेष चर्चा।
इस भव्य आयोजन में विद्वत् सम्मान, शास्त्रार्थ सत्र और लोक-कल्याण संकल्प प्रमुख आकर्षण होंगे। शास्त्रार्थ सत्र के अंतर्गत फलित ज्योतिष, मुहूर्त, चिकित्सा ज्योतिष और शोध-पत्र वाचन जैसे विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी। ग्रह-गोचर के आधार पर राष्ट्र और समाज के हित में मार्गदर्शन प्रदान करना भी इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है। यह सत्र ज्योतिष के उन वैज्ञानिक पहलुओं को उजागर करेंगे, जो आज भी कई रहस्यों को अपने में समेटे हुए हैं। विद्वानों के विचारों के आदान-प्रदान से ज्योतिष शास्त्र की वैज्ञानिकता पर और अधिक प्रकाश पड़ेगा, जिससे समाज का दृष्टिकोण व्यापक होगा।
पंजीयन और परामर्श की व्यवस्था
आयोजन समिति ने सूचित किया है कि महोत्सव में भाग लेने के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 20 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। दैवज्ञ-जन, शोधार्थी और ज्योतिष-प्रेमी इस आयोजन में आमंत्रित हैं। भोपाल की आम जनता के लिए कार्यक्रम के दौरान निःशुल्क ज्योतिष परामर्श की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। यह व्यवस्था समाज के अंतिम व्यक्ति तक ज्योतिषीय मार्गदर्शन पहुंचाने के संस्थान के संकल्प को दर्शाती है। किसी भी विषय पर आयोजक संस्थान का निर्णय ही अंतिम और सर्वमान्य माना जाएगा। अधिक जानकारी के लिए संबंधित पदाधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है।
